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यूपी : कोविड अस्पताल ने निकाल ली किडनी? नाले में मिला मरीज का शव
August 25, 2020 • परिवर्तन चक्र

 

यहां आपको बता दें कि अस्पताल से अचानक मरीज के गायब होने के बाद परिजनों ने थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अब मरीज की लाश मिलने पर परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में इस वक्त लोगों के अंदर कोविड का खौफ है। इस बीच यूपी में कोविड अस्पताल पर किडनी निकालने का आऱोप लगा है। दरअसल कोविड संक्रमित मरीज की लाश नाले में मिलने के बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर यह बड़ा आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि 25 साल के कोरोना संक्रमित युवक का इलाज Banaras Hindu University के Sir Sundar Lal Hospital’s super-speciality ब्लॉक में चल रहा था। कुछ दिनों पहले वो अस्पताल से रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए थे।

अस्पताल पर किडनी निकालने का आरोप : सोमवार (24-08-2020) को अचानक मरीज की लाश अ्स्पताल परिसर के नाले से बरामद हुई। लाश मिलते ही मरीज के परिजन आगबबूला हो गए। परिजनों ने BHU अस्पताल प्रबंधन पर मरीज की किडनी निकाल लेने और फिर उसकी जान लेने का आरोप लगाया। रात को वहां हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय लंका थाने समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह समझा-बूझा कर परिजनों को शांत कराया। यहां आपको बता दें कि अस्पताल से अचानक मरीज के गायब होने के बाद परिजनों ने थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अब मरीज की लाश मिलने पर परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

BHU प्रबंधन दे रहा सफाई : इधर इस पूरे मामले पर अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेन्डेन्ट प्रोफेसर एसके माथुर ने अपनी तरफ से सफाई दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सिर में चोट लगने के बाद उसे अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। बाद में कोरोना टेस्ट कराने पर मरीज की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी और फिर उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसा लगता है कि मरीज ने अस्पताल की दूसरी मंजिल से पाइप के सहारे उतरने की कोशिश की और पाइप टूट गया जिसकी वजह से मरीज के गिरने से मौत हो गई।

मरीज का शव मिलने के बाद उसे मोर्चरी में रखा गया और अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में पुलिस को भी सूचना दी। बताया जा रहा है कि 11 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में मरीज को चोट लगी थी और उसे बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। दो दिनों बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक 22 अगस्त को इस युवक ने अस्पताल की खिड़की पर खड़े होकर अपनी मां से बातचीत की थी।