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यूपी : 8000 किराया बकाया हो गया तो मकान मालिक ने ली मजदूर की जान
August 18, 2020 • परिवर्तन चक्र

 

थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि मृतक बुद्धपाल की पत्नी रीना की शिकायत पर उनके मकान मालिक ईश्वर सिंह, उसकी पत्नी रजनी और दामाद आकाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया है।

कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के बीच यूपी के गाजियाबाद में एक मजदूर दो महीने का किराया नहीं दे पाया तो मकान मालिक ने बेरहमी से पीटकर उसकी हत्या कर दी। घटना बीते तीन अगस्त की है। हालांकि स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं करने पर मृतक की पत्नी ने एसएसपी से शिकायत की। आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अब जिले के विजयनगर थाने में केस दर्ज किया गया है।

थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि मृतक बुद्धपाल की पत्नी रीना की शिकायत पर उनके मकान मालिक ईश्वर सिंह, उसकी पत्नी रजनी और दामाद आकाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पीड़िता के भाई सुशील ने बताया कि उनके जीजा बुद्धपाल मजदूरी करते थे और कोरोना काल में काम मिलना बंद हो गया था। काम ना मिलने पर चार महीने का आठ हजार रुपए किराया बकाया हो गया।

सुशील के मुताबिक अनलॉक प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हुआ था तो और उन्होंने कुछ दिन पहले साढ़े तीन हजार रुपए मकान मालिक को दिए थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे भी हैं और उनका भरण पोषण भी जरुरी है। ऐसे में उन्होंने पूरा किराया देने के लिए कुछ और समय मांगा, मगर उनकी नहीं सुनी गई।

इधर मृतक की पत्नी का कहना है कि वो रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने के लिए लोनी गई थीं। इस बीच रात को मकान मालिक आया और किराया मांगने लगा। पति ने थोड़ा और समय मांगा तो ईश्वर और उसके दामाद ने बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। मेरे दोनों बच्चे राज (8) और रितिक (6) ने बताया कि उन्हें कई बार पेट में लात मारी गई थी।

रीना के मुताबिक अगले दिन ईश्वर सिंह ने उन्हें फोन कर बताया कि पति की छत से गिरने से मौत हो गई। जब मैं घर पहुंची तो बच्चों ने पिता संग मारपीट के बारे में बताया। उन्होंने बताया सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, मगर मेरी शिकायत को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद मैंने एसएसपी से गुहार लगाई।