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वैज्ञानिकों का दावा : ‘घटने लगेगी दुनिया की Population, कम हो जाएगी 2 अरब तक आबादी !’
July 18, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। दुनिया में आज बढ़ती आबादी को देखते हुए हर तरफ जनसंख्या विस्फोट के ख़तरों की चर्चा हो रही है। तमाम देश, बढ़ती आबादी पर लगाम लगाने की बातें कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि धरती का आकार तो बढ़ाया नहीं जा सकता लेकिन जनसंख्या के बढ़ते रफ्तार को रोका जा सकता है। अब एक नए शोध में पता चला है कि आने वाले दिनों में जनसंख्या में कमी देखने को मिलेगी। हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक दुनिया की आबादी 2064 तक 9.7 अरब हो जाएगी, लेकिन इसके बाद यह कम होने लगेगी और वर्ष 2100 तक गिरकर 8.8 अरब हो जाएगी।

द लेसेंट (Lancet journal) में प्रकाशित अध्ययन के इस साल मार्च में दुनिया की आबादी 7.8 अरब थी.लेकिन साल 2064 में यह सबसे अधिक 9.7 अरब तक पहुंचेगी। इसके बाद लेकिन गर्भनिरोधक साधनों में इजाफे और लड़कियों और महिलाओं की व्यापक होती शिक्षा के कारण प्रजनन क्षमता में कमी होने लगेगी। इस वजह से प्रजनन दर में कमी का पूरी दुनिया में व्यापक और गहरा असर होगा।

वॉशिंगटन की स्कूल ऑफ मेडिसिन यूविर्सिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैट्रिक्स एंड अवैल्यूएशन ( Health Metrics and Evaluation, University of Washington) के शोध में पता चला कि साल 2100 तक 195 में से 183 देशें में की कुल प्रजनन दर (Total fertility Rate, TFR) प्रतिस्थापन स्तर (Replacement level) 2.1 से कम होगी।इसका मतलब ये है कि प्रवासन से संतुलन नहीं होने की वजह से इस देशों की जनसंख्या कम होने लगेगी।

यूनिवर्सिटी के इस शोध के प्रमुख शोधार्थी क्रिस्टोफर मुरे के मुताबिक, 2100 तक लगभग 23 देशों की जनसंख्या आधी हो जाएगी और 34 देशों की आबादी में 25 से 50 फीसदी तक की कमी आएगी।

क्रिस्टोफर का मानना है कि जब आबादी गिरने लगेगी तो ये रूकने का नाम नहीं लेगी। जिन 23 देशों की जनसंख्या आधी होगी उनमें जापान, स्पेन, इटली, थाईलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया और पोलैंड शामिल हैं। क्रिस्टोफर के मुताबिक जनसंख्या के बदलाव का असर दुनिया की ताकत (Global Power) और अर्थव्यवस्था (Economy) पर भी पड़ेगा।

इस शोध के मुताबिक साल 2100 में 65 साल की उम्र के लोगों की संख्या 2.37 अरब हो जाएगी, जबकि 20 तक के लोग केवल 1.7 अरब ही रह जाएंगे। इसके साथ ही आने वाले समय में घटती कुल प्रजनन दर (TFR) है दुनिया की TFR साल 2017 में 2.37 है जो 2100 में घट कर केवल 1.66 रह जाएगी।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि आने वाले समय में आबादी और बढ़ेगी। साल 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में 2100 तक आबादी के 10.9 अरब पहुंच सकती है यानी यह इस शोध के अनुमान से दो अरब ज्यादा है।