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वैज्ञानिक का दावा : कोरोना कहर के बीच 21 जून को खत्म हो जायेगी दुनिया?? क्या है
June 14, 2020 • परिवर्तन चक्र
 
नई दिल्ली. एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus), चक्रवाती तूफान (Cyclone), जंगलों में आग (Forest Fire), भूकंप (Earthquake) की घटनाओं से जूझ रहा है तो वही इन सब के बीच एक चौंका देने वाली खबर आ रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक बताया जा रहा है कि अगले हफ्ते यानी 21 जून (world will end on June 21) को दुनिया खत्म हो जाएगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरी दुनिया के लिए यह एक चिंताजनक खबर है।
 
बता दें कि धर्म ग्रंथों में दुनिया के खत्म होने की बात तय है। दुनिया खत्म होने की बात कई बार कही गई हैं। कुछ वैज्ञानिकों ने अप्रैल 2020 में भी दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणी की थी पर यह भविष्यवाणी कोरी साबित हुई। इस दावे के बाद सोशल मीडिया व इंटरनेट में तरह-तरह की बातें हो रही हैं। आपको बता दें कि 21 जून को सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है और तब ही दुनिया खत्म होने की बात भी सामने आ रही हैं।
 
ग्रेगोरिअन कैलेंडर से सामने आई बात
 
दुनिया के खात्‍मे का यह दावा ग्रेगोरिअन कैलेंडर में सामने आई है। जो वर्ष 1582 में लागू किया गया था। ग्रेगोरिअन कैलेंडर सन् 1582 में साल से 11 दिन कम हो गए थे। ऐसा इसलिए ताकि धरती के सूर्य के चक्कर लगाने का समय ठीक से प्रतिबंधित हो सके। दावा किया गया कि 286 साल में यह 11-11 दिन जुड़ते गए और ऐसे में यह साल 2012 होना चाहिए। इस दावे को वैज्ञानिक पाओलो तगलोगुइन के एक ट्वीट से और ज्‍यादा बल मिला है।
 
तकनीकी रूप से 2012 में है हम
 
पाओलो के ट्वीट में कहा कि जूलियन कैलेंडर की माने तो हम तकनीकि रूप से 2012 में ही है। ग्रेगोरिअन कैलेंडर में जाने से हमें एक साल में 11 दिनों का नुकसान हुआ। ग्रेगोरिअन कैलेंडर को लागू हुए 268 साल (1752-2020) बीत चुके हैं। इस तरह से अगर 11 से गुणा करें तो 2948 दिन होते हैं। 2948 दिन बराबर 8 साल होते हैं। हालांकि बाद में वैज्ञानिक पाओलो ने अपना ट्वीट डिलीट भी कर दिया।
 
जानिए, क्या है ग्रेगोरियन व जूलियन कैलेंडर
 
बता दें कि ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian calendar), दुनिया में लगभग हर जगह उपयोग किया जाने वाला कालदर्शक या तिथिपत्रक है। यह जूलियन कालदर्शक (Julian calendar) का रूपान्तरण है। इसे पोप ग्रेगोरी (Pope Gregory XIII) ने लागू किया था।
 
इस दावे की बात तब सामने आई जिसमें कहा जा रहा था कि सुमेरिअन लोगों ने एक ग्रह नीबीरु की खोज की थी। निबिरू ग्रह अब पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। सबसे पहले दावा किया गया था कि मई 2003 में दुनिया का खात्‍मा हो जाएगा लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो इसकी डेट बढ़ाकर 21 दिसंबर 2012 कर दी गई।
 
जानिए, कब-कब हुए दुनिया खत्म होने के दावे
 
गौरतलब है कि दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणी कई बार की गई 25 फरवरी 1524 को भी दुनिया खत्म होने की बात सामने आई थी, फिर साल 1997 को लेकर भी दुनिया खत्‍म होने का दावा किया गया था। दुनिया खत्‍म होने को लेकर साल 2011, 2012 और 2016 में भी भव‍िष्‍यवाणी की गई थी। इसके अलावा साल 2016 में 29 जुलाई 2016 को भी दुन‍िया के अंत की भव‍िष्‍यवाणी हुई। दुनिया खत्म होने को लेकर साल 2018 में भी भव‍िष्‍यवाणी हुई। फिर 2020 के लिए भी किया गया था। कहा जा रहा था कि 29 अप्रैल को एक एस्‍टेरॉयड धरती से टकराएगा और यह पूरी दुनिया को तबाह कर देगा। पर ये दावे कोरे साबिक हुए।
 
साभार-पत्रिका