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UAE : इस्लामिक पर्सनल लॉ में बड़ा बदलाव, मुस्लमानों को शराब पीने और लिव-इन में रहने की मिली इजाजत
November 9, 2020 • परिवर्तन चक्र

दुबई। इस्लाम धर्म में शराब पीना और लिव-इन में रहना पाप (हराम) माना जाता है, लेकिन अब मुसलमानों के सबसे बड़े देशों में से एक संयुक्त अरब अमीरात ( United Arab Emirates ) में रहने वाले मुस्लमानों को एक बड़ी रियायत दी गई है।

दरअसल, UAE ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस्लामिक पर्सनल लॉ ( Islamic Personal Law ) में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें शराब पीने और अपने पार्टनर के साथ लीव-इन में रहने की इजाजत देना सबसे बड़ा कदम है।

इस नए बदलाव के तहत यदि कोई प्रेमी जोड़ा शादी से पहले लिव-इन में रहना चाहता है तो वह रह सकता है। पहले UAE में शराब पीने और लिव-इन में रहने पर प्रतिबंध था। नए बदलाव में ऑनर किलिंग ( Honor Killing ) को अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

बता दें कि UAE में इन अहम बदलावों के साथ अमरीका की मध्यस्थता में एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। इसके तहत इजरायल और UAE के बीच संबंधों को सुधारने को लेकर कोशिशें की जाएंगी।

21 साल के कम उम्र वाले पर होगी पाबंदी

आपको बता दें कि शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात में इस्लामिक पर्सनल लॉ में बदलावों का ऐलान किया गया। कई बदलावों में से जो मुख्य बदलाव है उसमें मुख्य तौर पर शराब पीने पर लगे प्रतिबंधों में ढिलाई देना शामिल है।

इस नए बदलाव के बाद UAE में 21 साल या उससे ऊपर के किसी शख्स पर शराब बेचने, खरीदने या पीने पर जुर्माना नहीं लगेगा। हालांकि 21 साल से कम आयु वालों पर पहले की तरह प्रतिबंध लागू रहेगा। इससे पहले लोगों को शराब पीने, रखने, खरीदने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था।

इसके अलावा UAE में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की इजाजत दी गई है। अब कोई भी प्रेमी जोड़ा एक साथ रह सकते हैं। इससे पहले यदि किसी प्रेमी जोड़े को एक साथ रहने पर सजा दी जाती थी और अपराध की श्रेणी में रखा गया था। इस्लामिक पर्सनल लॉ में बदलाव को जो मंजूरी दी गई है उसमें ऑनर किलिंग को अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

साभार-पत्रिका