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ट्रैक्टर स्वयं चलाते हुए कलक्ट्रेट पत्रक देने पहुचे पूर्व मंत्री नारद राय
October 8, 2020 • परिवर्तन चक्र • बलिया समाचार

बलिया। बोहा क्षेत्र के पचासों गाँव के हजारों किसानों ने आज समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व मंत्री नारद राय के नेतृत्व में जलभराव की समस्या से निजात एवं उससे हुए नुकसान के मुआवजा की मांग को लेकर जिला अधिकारी कार्यालय पर सैकड़ो ट्रैक्टर से पहुच कर प्रदर्शन किए। और अपनी मांगों से सम्बंधित महामहिम राज्यपाल को संबोधित पत्रक भी दिए।किसान ट्रैक्टर और ट्राली सहित जिला अधिकारी कार्यालय पहुच गए जिससे कलक्ट्रेट चारो तरफ से ट्रैक्टर से ही घिर गया। और कचहरी से टी. डी. कालेज चौराहा, ओभरब्रिज तक ट्रैक्टर की लंबी कतार लग गई। बलिया जनपद के लिए प्रदर्शन का यह एक अलग और अनोखा अन्दाज रहा। कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी नही थे जिसपर समाजवादियों का पारा चढ़ गया तथा घोषणा किया गया कि जिलाधिकारी स्वयं पत्रक ले या हम लोगो से वार्ता कर संतुष्ट करें तब पत्रक दिया जाएगा अन्यथा हम लोग यही ट्रैक्टर के साथ बैठेंगे जिस पर प्रसाशन हरकत में आया और जिलाधिकारी फोन पर नारद राय से बात किये जिसके उपरान्त पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय "कान्हजी" ने उपस्थित जनसमूह के सामने पत्रक में उल्लेखित समस्याओ को पढ़ कर सुनाया तथा पत्रक में कही गयी बातों पर हाथ उठवा कर समर्थन लिया जिसके उपरांत नगर मजिस्ट्रेट को पत्रक दिया गया।

पत्रक के माध्यम से किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके के किसान 2018 से प्रतिवर्ष जलभराव से जूझ रहे है और फसल बर्बाद हो रही है जिससे हम लोगो का परिवार भुखमरी के कगार पर पहुच गया है। और उक्त के सम्बंध में हम लोगो के तरफ से बार-बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों एव प्रशासन से गुहार लगया गया परन्तु दुखद यह है कि उन लोगो द्वारा हमारे दर्द को हमेशा अनदेखा किया जाता रहा जिससे मजबूर होकर हमलोगो को अब आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा जिसका यह प्रथम चरण है। अगर फिर भी हमारी बात नही सुनी जाएगी तो हम इस आंदोलन को और तेज करेंगे।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री नारद राय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सरकार में नगर क्षेत्र सहित बोहा क्षेत्र एव सुरहा ताल से जल निकासी के सुबिधा को प्रस्तावित कर कुछ कार्य भी किया गया था लेकिन बर्तमान सरकार जिसे कि जनहित के कार्यो से कोई सरोकार नही है उस परियोजना को ठंडे बस्ते में दाल दिया गया। उस इलाके के किसान आज भुखमरी के शिकार हो रहे है जिसे देखते हुए समाजवादी पार्टी ने निर्णय लिया है कि बोहा, सुरहा ताल एव नगर क्षेत्र के जल निकासी के लिए पार्टी पूरी तरह से संघर्ष को तैयार है। और किसानों को प्रति एकड़ 15000 हजार रु. मुआवजा भी दिलाएगी अन्यथा अब आर या पर होगा।

पूर्व मंत्री मु. जियाउद्दीन रिज़वी ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें किसान विरोधी है इन्हें किसानों के परेशानी नही दिख रही है किसानों को बड़े -बड़े पुंजिपतियो के बधुआ मजदूर बनाने पर यह सरकार तुली हुई है अगर देश का अन्नदाता सड़क पर उतर कर विरोध नही किया तो ये आत्ममुग्ध नादिरशाही सोच की सरकार देश के कृषि क्षेत्र को चौपट कर देंगी और देश बर्बाद हो जाएगा अगर 2022 में समाजवादियों की सरकार उत्तर प्रदेश में बनेगी तो एक कला कृषि कानून प्रदेश बाहर किया जाएगा।

ट्रेक्टर पर सवार किसानों को पुरास और पिण्डारी से स्व.विक्रमादित्य पाण्डेय के अनुज श्री चंद्रमा पाण्डेय ने झण्डी दिखा कर एवं पूर्व मंत्री नारद राय को तिलक लगाकर रवाना किया।

इसके पूर्व बोहा क्षेत्र से ट्रैक्टर से चल कर किसान बलिया सपा कार्यालय पहुचे जहाँ से सपा जिला अध्यक्ष राजमंगल यादव अपने समस्त पदाधिकारियों के साथ जुलूस का नेतृत्व करते हुए स्वागत किये तथा स्वयं भी ट्रैक्टर पर सवार होकर किसानों का नेतृत्व करते हुए कचहरी के लिए चल दिये और कहे कि किसानों के इस न्यायपूर्ण लड़ाई में समाजवादी पार्टी बलिया पूरी तरह से किसानों के साथ है। वाराणसी जनपद के वरिष्ठ सपा नेट लालू यादव ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं आज इस अनोखे आन्दोलन का साक्षी बन रहा हूं।

इस अवसर पर सर्वश्री गोरख पासवान, संजय उपाध्याय, चंद्रशेखर सिंह, श्री प्रकाश पाण्डेय "मुन्ना", रमेश चंद्र साहनी, हीरालाल वर्मा, जमाल आलम, राजन कनौजिया, दरोगा सिंह, शशि कान्त सिंह, अजय यादव, बलराम यादव, विजय शंकर यादव, दयाशंकर पाण्डेय, परमात्मा नंद पाण्डेय, राजेश यादव, सुशील पाण्डेय, छोटकन पाण्डेय, आनन्द यादव, विजय यादव, बृजेश पाठक, इरफान अहमद, प्रेम शंकर चतुर्वेदी, अनिल तिवारी, राकेश सिंह, चुन्नू सिंह, रविन्द्र यादव, हरेराम पाण्डेय, परमेश्वर प्रधान, कृष्णा प्रधान, रामेश्वर पासवान, रविन्द्र यादव, राकेश यादव, मनन दुबे, जलालुद्दीन जे. डी, अजित सिंह यादव, देवेंद्र यादव, शिवजी त्यागी, अनिल पाण्डेय, भीम चौधरी, लक्षमण राय, अमित राय, श्रीमन पाण्डेय, शैलेन्द्र यादव छोटकन, मुन्नागिरी, बन्धु गोड़, अरुण यादव, प्रभुनाथ पहलवान, रामजी यादव, गणेश यादव, वीरा खा, इम्तियाज़ अहमद, मिंटू खा, चंद्रशेखर तिवारी, राकेश यादव आदि रहे।