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शासन से आए नोडल अधिकारियों ने की कोविड-19 के रोकथाम की समीक्षा
August 30, 2020 • परिवर्तन चक्र

प्रभारी चिकित्साधिकारियों के कार्य पर जताया असन्तोष, सीएमओ को दी नसीहत

डोर-टू-डोर सर्वे, कांटेक्ट ट्रेसिंग की गुणवत्ता सुधारने पर दिया जोर

मेडिकल कालेज के प्रोफेसर ने मोबाइल के जरिए दिए अहम टिप्स

बलिया: जिले में कोविड-19 की मॉनिटरिंग के लिए शासन स्तर से दो नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। रविवार को दोनों अधिकारी पीडब्ल्यूडी सचिव रंजन कुमार व उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के सीईओ सुजीत कुमार ने विकास भवन सभागार में कोविड-19 के रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा की। शासन स्तर से आए दोनों उच्चाधिकारियों ने  सैम्पलिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस कार्य व अन्य प्रयासों की जानकारी सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से ली और अपनी ओर से कुछ जरूरी सुझाव दिए। डोर-टू-डोर सर्वे और कांटेक्ट ट्रेसिंग की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिए। कहा, अगर ये सुधर गया तो निश्चित रूप से जिले में कोरोना के प्रसार पर अंकुश लग जाएगा। नोडल अधिकारी रंजन कुमार की पहल पर, एक मेडिकल कालेज के प्रोफेसर ने सभी अस्पताल प्रभारियों को करीब दस मिनट तक मोबाइल के जरिए अहम टिप्स दिए। बताया कि कोरोना मरीजों के साथ कैसे, कब और क्या करना है। 

रंजन कुमार ने कहा कि कोरोना को रोकने में एमओआईसी का रोल अहम है। सभी एमओआईसी अपनी पीएचसी या सीएचसी के अंतर्गत आने वाले केस की मॉनिटरिंग करते रहें। होम आइसोलेट में रह रहे मरीजों से आपकी टीम बात करती रहे। घर-घर सर्वे के बाद जो संदिग्ध मिलते हैं या जिनमें कोई लक्षण हैं, पहले उनकी जांच कराई जाए। उन्होंने हर अस्पताल के प्रभारी से पूछा कि सैम्पलिंग की सूची कैसे बनाते हैं।

अधिकांश डॉक्टर इसका सही ढंग से जवाब नहीं दे पाए। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि प्रभारी चिकित्साधिकारियों के प्रतिदिन के कार्य की समीक्षा करते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि कमांड सेंटर से सर्विलांस कार्य, कांटेक्ट ट्रेसिंग व घर-घर सर्वे की समीक्षा पूरी गम्भीरता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि टीम कितने घर गई, कितने संदिग्ध मिले, सारी के कितने केस सामने आए, जांच करने गयी टीम का मोबाइल नम्बर आदि विन्दुओं के माध्यम से हर गतिविधियों पर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम वाले निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं या नहीं, इस पर भी ध्यान दिया जाए। अगर कोई नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई हो।

नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने यह भी कहा कि जागरूकता सन्देश हर सरकारी व प्राइवेट संस्थान तथा दुकानों पर लगाए जाने की पहल हो। मास्क का प्रयोग व सोशल डिस्टेंस का पालन करने से सम्बन्धी मैटर किल कोरोना टीम के माध्यम से तैयार करा लिया जाए। जैसे भी हो, लोगों को जागरूक करने का प्रयास जारी रहे।

क्रिटिकल केस की पहचान व समय से आइसोलेशन पर देना है विशेष ध्यान

नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने सभी अस्पताल प्रभारियों से कहा कि क्रिटिकल केस की पहचान और समय से आइसोलेशन पर विशेष ध्यान देना है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की रोजाना जांच करने वाली टीम यह भी सुनिश्चित कराए कि मरीज के पास थर्मामीटर और ऑक्सीमीटर जरूर हो। ऑक्सीजन लेवल मापते रहने से केस क्रिटिकल होने से पहले ही काफी हद तक पता चल जाएगा। 

होम ओसोलेशन की शर्तें पूरा नहीं होने पर हुए नाराज

पूछताछ में नरहीं सीएचसी प्रभारी ने माना कि उनके क्षेत्र में होम आइसोलेट मरीजों में कई के पास ऑक्सीमीटर नहीं है। इस पर नोडल अधिकारी रंजन कुमार खासा नाराज हुए और सीएमओ को निर्देश दिया कि इस पर ध्यान दें।  उन्होंने साफ कहा कि होम आइसोलेशन का मानक अगर कोई मरीज पूरा नहीं करता है तो उसे एल-1 फैसिलिटी सेंटर शिफ्ट करा दिया जाए। साथ ही जहां केस मिले वहां आसपास सघनता से सर्वे करा लिया जाए।

बिना मास्क वाले को ऑटो-रिक्सा वाले न बैठाएं, दुकानदार समान न दें

नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने कहा, यह सुनिश्चित कराया जाए कि बिना मास्क वाले व्यक्ति को न तो कोई ऑटो-रिक्शा वाला बैठाए, और ना ही कोई दुकानदार ऐसे लोगों को सामान दे। अगर कोई दुकानदार या ऑटो रिक्शा वाला भी बिना मास्क के मिले तो उन्हें भी चेतावनी दी जाए। सिटी मजिस्ट्रेट अपनी टीम और यातायात पुलिस के माध्यम से यह सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि पहले जनपदवासियों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाए। अनाउंसमेन्ट, सोशल मीडिया आदि के जरिए प्रचार प्रसार हो कि मास्क का प्रयोग नहीं करने या अन्य उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी। उसके बाद भी कोई नहीं मानता है तो चालान काटने की कार्रवाई हो। 

किल कोरोना टीम के कार्य की ली जानकारी, दिए सुझाव

- जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनी हुई कोरोना के मुख्य कार्यों की जानकारी दोनों नोडल अधिकारियों ने ली। टीम के मनोज चतुर्वेदी ने बताया गया कि शहरी क्षेत्र में हिंदी तथा ग्रामीण क्षेत्र में भोजपुरी भाषा में ऑडियो और वीडियो तैयार कर प्रसारित के साथ छोटे-छोटे संवाद के माध्यम से इससे बचाव का तरीका समझाया जाता है। वीडियो बनाने के सम्बंध में नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने अपनी ओर से भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए और उस पर अमल करने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी एसपी शाही, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, डीआईओएस भास्कर मिश्र आदि थे।

होम आइसोलेशन काल सेंटर का किया निरीक्षण

होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों से प्रतिदिन बात करने के लिए विकास भवन में कॉल सेंटर बनाया गया है। शासन स्तर से दोनों नोडल अधिकारी ने इस काल सेंटर का भी निरीक्षण किया। सेंटर प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक से जरूरी जानकारी ली। नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने मौके से ही कुछ मरीजों को फोन मिलाया और स्वयं बात करके यह पूछा कि प्रतिदिन उनके यहां कॉल सेंटर से फोन जाता है या नहीं। एक मरीज को शुगर की समस्या होने पर एल-1 फैसिलिटी सेंटर नगवा शिफ्ट कर दिया गया है, उनसे भी बात की। कुल मिलाकर कॉल सेंटर की कार्यवाही पर दोनों नोडल अधिकारियों ने संतोष जताया।