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सावधान! घर में भी है कोरोना का खतरा, शोध में हुआ खुलासा
July 22, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। दुनियाभर में कोविड-19 के बढ़ते खतरे के बीच हर किसी की नजर इससे बचाव के लिए आने वाली वैक्सीन पर टिकी है। देशभर में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 12 लाख के करीब पहुंच चुकी है। यही वजह है कि इससे बचाव को लेकर राज्य सरकारों लॉकडाउन लगा रही हैं। ताकि लोग घर पर रह कर कोरोना के संक्रमण से बच सकें।

सरकार भले ही लोगों को घरों में रहकर कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन का अचूक हथियार मान रही हो, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि आप घर में भी कोरोना वायरस से सुरक्षित नहीं हैं। आप घर पर बैठे-बैठे भी कोरोनावायरस कोविड-19 से संक्रमित हो सकते हैं। ये खुलासा दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने किया है।

घर के सामानों से खतरा दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों के मुताबिक घर के सामानों से और बाहर से आने वाले सामानों के जरिए भी कोरोना फैलने की पूरी संभावना है।

दक्षिण कोरिया में 5,706 शुरुआती कोरोना मरीजों और उसके बाद संक्रमित हुए 59 हजार लोगों पर इस शोध को अंजाम दिया। इस शोध को यूएस सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ( CDC ) ने 16 जुलाई को प्रकाशित किया है।

हर 10 में एक मरीज को घर के सदस्यों से हुआ कोरोना इस रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रति 100 कोरोना मरीजों में सिर्फ 2 ऐसे हैं जिन्हें गैर-घरेलू संपर्क की वजह से कोरोना हुआ है। इतना ही नहीं शोध के मुताबिक हर 10 मरीज में 1 मरीज को कोरोना का संक्रमण उनके घर के सदस्यों के जरिए हुआ है।

घर में किशोर और बुजुर्ग पर ज्यादा खतरा कोरोना को लेकर किए जा रहे इस शोध में ये बात भी सामने आई है कि घर में किशोर और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा बना हुआ है। हालांकि अब तक कई शोध में ये बात सामने आई कि कोरोना ज्यादा उम्र वालों को अपना शिकार जल्दी बनाता है क्योंकि उनमें इम्यूनिटी लेवल कमजोर होता है।

वैज्ञानिकों ने बताई ये वजह कोरिया सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ( KCDC ) के निदेशक जियोंग ईयून कीयोंग के मुताबिक किशोर और बुजुर्ग घर के सभी सदस्यों से नजदीक रहते हैं। इसलिए इनके संक्रमित होने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में इन दोनों समूहों का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

9 वर्ष से छोटे बच्चों में खतरा कम हैलीम यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. चो यंग जून के मुताबिक 9 साल से कम उम्र के बच्चों के संक्रमित होने की आशंका बेहद कम होती है।

बच्चे ज्यादातर एसिम्टोपमैटिक होते हैं, यानी इनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं दिखते। इसलिए इनमें कोरोना को पहचानने में शुरुआती दिक्कतें भी आती हैं।

घर में भी रखना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल डॉ. चो यंग ने अलर्ट किया है कि अगर आप सोचते हैं कि आप घर में सुरक्षित हैं तो ऐसा नहीं है। कोरोना घर बैठे व्यक्ति को भी आसानी से हो सकता है।

आपको घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना होगा। बचाव के सारे तरीके अपनाने होंगे।