ALL क्राइम न्यूज स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे उत्तर प्रदेश अध्यात्म कोरोना वायरस देश बलिया समाचार दुष्कर्म मनोरंजन
रहस्यमयी बीज बने खतरा, केंद्र सरकार ने राज्यों को दी चेतावनी
August 9, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी के बीच एक रहस्यमयी बीज ने देश की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते केंद्र सरकार ने इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के अंतर्गत आने वाली बीज कंपनियों, शोध संस्थाओं और प्रदेशों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है। बताया जा रहा है कि इन बीजों के स्रोत की जानकारी नहीं है। यह बीज देश की जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसके अलावा यह बीज देश में होने वाली फसलों में बीमारी फैलाने के साथ ही इन्हें बर्बाद कर सकते हैं।

इतना ही नहीं केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने रहस्यमयी बीजों के मामलों पर संज्ञान लेते हुए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। मीडिया से बातचीत में भारतीय बीज उद्योग फेडरेशन के महानिदेशक राम कौंडिन्य ने बताया कि यह बीज अनधिकृत स्रोतों से आ रहे हैं। इनके जरिये पौधों में बीमारी फैलने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल केवल आगाह किया गया है। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि यह रहस्यमयी बीज खतरा तो हैं, लेकिन इनके लिए फिलहाल बीज आतंकवाद जैसे शब्दों का प्रयोग बेहद ज्यादा होगा।

मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों में जानकारी दी गई है बीते कुछ माह के भीतर विश्वभर में हजारों जहाजों पर इन रहस्यमयी बीजों को लादे जाने की सूचनाएं सामने आई हैं। अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, जापान, न्यूजीलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में अवांछित और रहस्यमयी बीज पार्सल के बढ़ते खतरे को भांपते हुए उन्हें आगाह किया गया है, जिनमें अज्ञात स्रोतों से भ्रामक पैकजों को भेजा जाना शामिल है।

इन सबके बीच अमरीकी कृषि विभाग द्वारा अवांछित बीजों को ब्रशिंग घोटाले के साथ कृषि तस्करी के रूप में घोषित कर दिया गया है। अमरीकी कृषि विभाग के मुताबिक बिना मंगाया गया और अनचाहे बीज पार्सल में आक्रामक प्रजाति के बीज हो सकते हैं। यह रोगजनकों या बीमारी को लाने की कोशिश भी हो सकती है। जो पर्यावरण, कृषि पारिस्थितिकी तंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

इंटरनेशनल सीड टेस्टिंग एसोसिएशन (ISTA) के मुताबिक वाशिंगटन, न्यूयॉर्क, वर्जीनिया, फ्लोरिडा और अमरीका के कुछ अन्य राज्यों के निवासियों को ई-कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से बिना किसी स्रोत वाले बीज पैकेट प्राप्त हुए थे, हालांकि लोगों कहा कि उन्होंने इन्हें ऑर्डर ही नहीं किया था।