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पूर्वोत्तर रेलवे सम्पूर्ण डिजीटलीकरण की ओर अग्रसर
June 23, 2020 • परिवर्तन चक्र

वाराणसी 23 जून2020पूर्वोत्तर रेलवे सम्पूर्ण डिजीटलीकरण की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे का चिकित्सा विभाग रेलकर्मियों एवं परिवारजनों को पारदर्शी एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्व है तथा इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिये अनेक प्रयास किये जा रहे है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी चिकित्सालयों एवं चिकित्सा यूनिटों में हास्पिटल इनफार्मेन मैनेजमेंट सिस्टम (एच.आई.एम.एस.) लागू किया जा रहा है। इस प्रणाली में रोगियों के उपचार से संबंधित समस्त विवरण ऑन लाइन उपलब्ध रहता है। मरीजों का विवरणउनके रोग की हिस्ट्रीकिये गये उपचारजाँच रिपोर्टों एवं दवाइयों का समस्त विवरण कम्प्यूटर में सुरिक्षत रखा जाता है। आउट डोर मरीज को कम्प्यूटराइज्ड टोकन दिया जाता है जिसे लेकर वह संबंधित डाक्टर से सम्पर्क कर अपना रोग बताता है जिसे कम्प्यूटर पर अपलोड करने के साथ ही उपचार एवं दवाईयों का विवरण भी लिखा जाता है तथा इसे फार्मेसी को फारवर्ड कर दिया जाता है जिसे देखकर मरीज को दवा दी जाती है। इनडोर रोगी के लिये लगभग यही व्यवस्था है। डाक्टर स्वयं आकर इनडोर मरीज से रोग संबंधित समस्त जानकारी एवं उपचार अपलोड करते है। पूर्वोत्तर रेलवेमुख्यालय स्थित केन्द्रीय चिकित्सालयमंडलों के मंडलीय चिकित्सालय एवं हेल्थ यूनिटों में हास्पिटल इनफार्मेन मैनेजमेंट सिस्टम (एच.आई.एम.एस.) को लागू कर सभी चिकित्सालयों को एक-दूसरे से ऑनलाइन कनेक्ट किया जायेगा। फलस्वरूप रेलकर्मी पूर्वोत्तर रेलवे के किसी भी चिकित्सालय में चिकित्सा करा सकता है तथा उसकी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी उपचार करने वाला चिकित्सक एक क्लिक करते ही उपलब्ध जा जायेगी। इसी क्रम में एक अन्य पहल के अन्तर्गत कर्मचारियों को कम्प्यूटराइज्ड उम्मीद कार्ड भी जारी किया जा रहा है जिसे दिखाकर वे किसी भी चिकित्सालय में इलाज करा सकते है तथा उम्मीद कार्ड पर उल्लेखित विवरण एवं कोड से उनके बारे में समस्त जानकारी मिल जाती है। यह सुविधा सेवा निवृत्त रेलकर्मियों के लिये भी है।

वाराणसी मंडल के मंडलीय चिकित्सालयवाराणसी में हास्पिटल इनफार्मेन मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने के अंतिम चरण में है तथा इसके अतिशीघ्र लागू हो जाने की आशा है। इसके उपरान्त द्वितीय चरण में वाराणसी मंडल स्थित प्रयागराज रामबागमऊबलियाछपरासीवानदेवरिया सदर एवं कप्तानगंज हेल्थ यूनिटों में भी इसे लागू करने की योजना है। इस मंडल में लगभग 95% प्रतित कर्मचारियों को उम्मीद कार्ड जारी किया जा चुका है।

मुख्यालयगोरखपुर स्थित ललित नारायण मिश्र केन्द्रीय चिकित्सालय में भी इस प्रणाली को अमली जामा पहनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यालय के लगभग 80% प्रतित कर्मचारियों को उम्मीद कार्ड जारी किया जा चुका है। इस प्रणाली के पूर्ण रूप से लागू हो जाने पर चिकित्सा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार जायेगा।