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फिर उठा तूफान का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
June 23, 2020 • परिवर्तन चक्र

ओडिशा के तटीय इलाकों में दोबारा मच सकती है तबाही, मौसम विभाग ने जारी की तूफान की चेतावनी

नई दिल्ली। कोरोना काल में लगातार प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। हाल ही में आए अम्फान और निसर्ग तूफान से भयंकर तबाही मची थी। कहर का ये सिलसिला ओडिशा में एक बार फिर दस्तक देने को तैयार है।मौसम विभाग की ओर से नए तूफान की चेतावनी जारी की है। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक ओडिशा के अंदरूनी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में समुद्री क्षेत्र में चक्रवात बनता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में मछुआरों और लोगों से समुद्री तट पर न जाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की ओर से सोमवार को अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने साइक्लोनिक ऐक्टिविटी की जानकारी दी। एक्स्पर्ट्स ने बताया कि ओडिशा के तटीय इलाकों में एक बार फिर समुद्री तूफान आने की आशंका है। ओडिशा के अंदरूनी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में समुद्री क्षेत्र में 0.9 किमी-7.6 किमी के बीच दक्षिण की ओर झुकाव वाला चक्रवात बनता दिखाई दे रहा है। यह अगले तीन दिन में उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ सकता है। विभाग की ओर से लगातार इस पर नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर समुद्री तट से लोगों को दूर रहने को कहा गया है।

इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना चक्रवाती तूफान के अलावा मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली बारिश के बारे में भी जानकारी दी। विभाग के अनुसार बिहार, उप-हिमालयी, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है। 22-26 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड समेत बिहार के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
अम्फान का बरसा था कहर मालूम हो कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आए अम्फान तूफान के कारण काफी नुकसान हुआ था। कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी के कारण बिजली के खंबे उखड़ गए थे। साथ ही कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके अलावा बंगाल में कई लोगों को इस साइक्लोन में जान भी गंवानी पड़ी थी। वहीं महाराष्ट्र में भी निसर्ग ने लोगों को काफी डराया था। हालांकि वहां उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिसके चलते भारी नुकसान नहीं हुआ।