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फर्जी आईपीएस बनकर चोरी की गाड़ियां करता था सप्लाई, नाकों पर पुलिसकर्मी भी करते थे सैल्यूट
September 13, 2020 • परिवर्तन चक्र • क्राइम न्यूज

फरीदाबाद में पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच की टीम को यह सफलता मिली है। आरोपी खुद को आईपीएस अधिकारी बताता था और चोरी की गाड़ियां मणिपुर तक पहुंचाता था। क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 की टीम ने वीरवार को आरोपी को बदरपुर बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लिलोंग मणिपुर निवासी अबंग मेहताव और कबीर अहमद के रुप में हुई है।

क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया कि ऐसा गिरोह सक्रिय है जो कि दिल्ली-एनसीआर से गाड़ियां चोरी करते हैं और पूरी चैन सिस्टम के जरिये मणिपुर तक गाड़ियां भेज देते हैं। एक कार को पहुंचाने के लिए 10 से 15 हजार रुपये मिलते हैं। क्राइम ब्रांच ने खुलासा करते हुए बताया कि रास्ते में पड़ने वाले पुलिस नाकों से बचने के लिए आरोपी ने आईपीएस का कार्ड बनवाया हुआ था और खुद को आईपीएस अफसर बताकर निकल जाता था। पुलिस ने बताया कि अबंग मेहताब कार में आईपीएस की वर्दी पहनकर बैठता था।

आरोपित ने फोटोशॉप की मदद से एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के एसीपी का फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखा था। आइपीएस की वर्दी देखकर नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें सैल्यूट करते थे। अगर कहीं पूछताछ होती तो अबंग एनआइए का फर्जी पहचान पत्र दिखा देता था। पहचान पत्र और आइपीएस की वर्दी क्राइम ब्रांच ने बरामद कर ली हैं।

एसीपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप के मुताबिक कार प्राप्त करने व सौंपने का स्थान और एक कोडवर्ड आरोपितों को मोबाइल मैसेज के रूप में मिलता था। बताए गए स्थान पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को कोडवर्ड बताते थे। चोरी की कारें नंबर प्लेट बदलने व मॉडिफाई करने के बाद उन्हें सौंपी जाती थीं।

ये कारें मणिपुर में निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बाद उनका काम खत्म हो जाता था। कारें कहां से चोरी होती हैं, आगे कहां बेची जाती हैं इसके बारे में जानकारी होने से उन्होंने इन्कार किया है। जांच टीम का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ कर और जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।