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पशुपालकों को 90 फीसद तक लोन के साथ मिल रहा 30 फीसद तक की सब्सिडी, 30 जून तक करें आवेदन
June 24, 2020 • परिवर्तन चक्र

सरकार ने कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने और किसानों को कामधेनु डेयरी योजना से जोड़ने के लिए और लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं इस योजना के माध्यम से महिला, पुरुष, नवयुवक, कृषक सभी पात्र हैं जो आवेदन कर सकते हैं. इसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है.इसका मुख्य उद्देश्य काश्तकारों को लाभ देना है.

क्या है कामधेनु डेयरी योजना 

इस योजना के तहत पशुपालकों, गोपालकों, किसान, युवा और  महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं. प्रजनन नीति अनुसार दुधारू देसी उन्नत गौवंशों की डेयरी लगा सकते हैं. इसके चलते ही राजस्थान सरकार ने डेयरी लगाने के लिए इच्छुक और पात्रता रखने वाले अभ्यर्थियों को मौका दिया है. इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा.

ऐसे करें आवेदन

अगर कोई इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे 30 जून 2020 तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा. बता दें कि इस योजना के में पशुपालन विभाग की प्रजनन नीति के अनुरुप वित्तीय वर्ष 2020-21 में सरकार द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के माध्यम से कामधेनू डेयरियां खोली जाएंगी. इसमें एक ही नस्ल के 30 गौवंश होंगे, जो कि उच्च दुग्ध क्षमता वाली होंगे. बता दें कि इसका आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट www.gopalan.rajasthan.gov.in  से डाउनलोड कर सकते हैं.

राज्य सरकार ने यह योजना देसी गोवंश की डेयरियां स्थापित किए जाने के लक्ष्य से शुरु की है.इसके तहत पशुपालकों और किसानों को 90 फीसद  तक लोन प्रदान किया जाएगा. अगर पशुपालक समय सीमा से पहले लोन चुका देंगे तो उन्हें 30 फीसद तक  सब्सिडी प्रदान की जाएगी.

जो लोग डेयरी व्यवसाय में रूचि रखते है वे इस योजना के लिए आवेदन कर फायदा प्राप्त कर  सकते हैं. पशुपालन विभाग ने इसके आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 30 जून कर दिया है.

कितने पशुपालकों को मिलेगा लाभ

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, अजमेर के उपनिदेशक डॉ. सुनील घीया ने बताया है कि पूर्व इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर रखी गई थी पर  कोरोना महामारी के वजह से मात्र 8 पशुपालकों के आवेदन ही प्राप्त हुए थे. वैसे उक्त योजना के तहत जिले से सिर्फ 2 पशुपालकों को ही इसका लाभ प्राप्त होना है.