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नासा का दावा-पृथ्वी से दूर जा रहा है चंद्रमा, खत्म हो जाएगा धरती पर जीवन !
June 13, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। अरबों साल पहले एक बड़ा ग्रह पृथ्वी से टकराया था. इस टक्कर के फलस्वरूप चांद का जन्म हुआ। नासा की इस शोध के मुताबिक 477 करोड़ साल पहले पृथ्वी और चंद्रमा एक ही थे। उस समय पृथ्वी और उसके पास एक और ग्रह ठंडे होकर अपना आकार ले रहे थे।

उसी दौरान पृथ्वी और पृथ्वी की बहन का गया यह आपस में टकरा गए। पृथ्वी और इस ग्रह की टक्कर बहुत ही भीषण थी जिसमें दूसरा ग्रह लाखों टुकड़ों में बिखर गया। इसके अलावा पृथ्वी दो टुकड़ों में टूट गई और टूटा हुआ छोटा हिस्सा दूर हो गया। इसी टुकड़े ने बाद में चलकर चंद्रमा की शक्ल ली।

चंद्रमा हर साल पृथ्वी से 1.6 इंच दूर जा रहा है

लेकिन अब एक शोध में पता चला है कि चांद हमसे एक दिन बहुत दूर चला जाएगा। दरअसल, नासा के मुताबिक चांद हर साल पृथ्वी से 1.5 इंच दूर जा रहा है। हालांकि इस गति से चांद को हमसे बहुत दूर जाने में करोड़ों साल लग सकते हैं। लेकिन एक बार दूर चले जाने के बाद काफी कुछ बदल जाएगा और न तो हमारी धरती वैसी रह पाएगी जैसी आज है और न ही सूर्य उसे ऐसा रहने देगा।

पृथ्वी और चांद को नष्ट कर देगा सूर्य

बता दें चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति की वजह से ही पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने की गति पाती है। वहीं पृथ्वी के गुरुत्व के कारण चांद की कक्षा पर भी असर होता है। लेकिन जब दोनों एक दूसरे से दूर हो जाएंगे तब स्थिति कुछ यूं हो जाएगी कि चंद्रमा की कक्षा बहुत बड़ी होने के बाद उससे बड़ी होना बंद हो जाएग। चंद्रमा का पृथ्वी की एक परिक्रमा और उसका खुद का अपना एक चक्कर दोनों ही 47 दिन के हो जाएंगे। और पृथ्वी और चांद को सूर्य नष्ट कर देगा।

खत्म हो सकता है जीवन

वैज्ञानिक बताते है जब चंद्रमा बना था, उस समय पृथ्वी पर एकदिन केवल 5 घंटे का हुआ करता था। चंद्रमा के असर के कारण ही 4.5 अरब साल बाद पृथ्वी की एक दिन 24 घंटे हो पाया है। वैज्ञानिक मानते हैं कि पृथ्वी और चंद्रमा के सिस्टम की वजह से ही पृथ्वी पर जीवन पनपा। इस सिस्टम के कारण ही पृथ्वी पर पौधों और जानवरों के रहने की अनुकूल परिस्थितियां बनीं। ऐसे में अगर चांद पृथ्वी से दूर चला जाएगा तो यहां पर जीवन खत्म हो सकता है।