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मण्डलायुक्त ने प्रवासियों के स्किल मैपिंग व रोजगार सृजन पर दिया विशेष जोर
June 15, 2020 • परिवर्तन चक्र

 

कलेक्ट्रेट सभागार में की समीक्षा बैठक, व्यवस्था पर हुईं सन्तुष्ट

गैरहाजिर होने पर पीडब्ल्यूडी, जल निगम के एक्सईएन का कटेगा वेतन

बलिया: मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों के साथ मनरेगा व जिले में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग एवं रोजगार सृजन के बारे में जानकारी ली। बैठक में जल निगम व लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण मांगते हुए एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा में कन्वर्जेशन का प्रस्ताव नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता से इस बाबत लिखित में जवाबतलब किया।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने कोविड-19 से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी बताया कि जनपद में 64 कोरोना मरीज पॉजिटिव मिले, जिनमें 54 स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। इलाज के लिए पहले से ही ट्रेंड मेडिकल टीम तैयार है। बताया कि अब तक 80 हजार प्रवासियों का डाटा फीड किया जाना है, जिसमें 41 हजार फीड हो चुके हैं। प्रवासियों के खाते में एक हजार रुपये भेजे जाने के साथ राहत सामग्री व जून-जुलाई में निःशुल्क राशन  दिया जा रहा है। यह भी बताया कि एसडीएम अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में महिला स्वंय समूह के माध्यम से मास्क बनवाकर युद्धस्तर पर वितरित किया गया।

24 सौ में 15 सौ राशन कार्ड बने

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में आए प्रवासियों को दो हजार चार सौ राशन कार्ड बनाया जाना है। इसमें 15 सौ प्रवासियों का राशन कार्ड बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मार्च, अप्रैल व मई में निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। हालांकि, कुछ जगह से शिकायतें भी आई जिसको गम्भीरता से लेते हुए जांच कराई गई औऱ 10 कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है। फिलहाल 88 हजार मजदूर प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं।
मण्डलायुक्त ने कहा कि एल-1, एल-2 में जितने प्रवासी मजदूर रखे गए हैं उनको किसी प्रकार की परेशानी नही होनी चाहिए। 

महिला सीएमएस पर नाराज हुईं मण्डलायुक्त

चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान महिला अस्पताल में मेजर सर्जरी के लिए सक्षम स्टाफ की कमी बताई गई। इस पर कमिश्नर एस एम एस से सवाल किया कि क्या इससे पहले यह समस्या डीएम के समक्ष रखी गई है। सीएमएस की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। महिला अस्पताल में मेजर सर्जरी के लिए सक्षम स्टाफ की मांग डीएम के समक्ष न रखने पर सीएमएस पर नाराजगी व्यक्त किया। बैठक में डीआईजी सुभाष चंद दूबे, एसपी देवेंद्र नाथ, सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन जैन, एसडीएम सदर अन्नपूर्णा गर्ग, सीएमओ डॉ पीके मिश्रा व अन्य अधिकारी मौजूद थे।