ALL क्राइम न्यूज स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे उत्तर प्रदेश अध्यात्म कोरोना वायरस देश बलिया समाचार दुष्कर्म मनोरंजन
महज डांटने पर ले लेता था जान, पकड़ा गया सीरियल किलर
August 12, 2020 • परिवर्तन चक्र

आरोपी की गिरफ्तारी से दो सालों में हुए तीन ब्लाइंड मर्डर का राज खुल गया, लेकिन इससे ज्यादा दिलचस्प है पुलिस का इस केस को सॉल्व करने का तरीका.

दतिया में पुलिस ने सीरियल किलर को गिरफ्तार किया

गिरफ्तारी से दो सालों में हुए तीन ब्लाइंड मर्डर का राज खुला

मध्य प्रदेश के दतिया में पुलिस ने एक ऐसे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है जिसपर रात में सोते हुए लोगों के मर्डर का आरोप है. इस आरोपी की गिरफ्तारी से दो सालों में हुए तीन ब्लाइंड मर्डर का राज खुल गया, लेकिन इससे ज्यादा दिलचस्प है पुलिस का इस केस को सॉल्व करने का तरीका.

दरअसल, अक्टूबर 2018 को ज़िले के भांडेर में रात के समय याकूब बेग और उसकी पत्नी सलमा की हत्या कर दी गयी थी. हत्या करने वाले ने दोनों के सिर पर भारी चीज़ से वार किया था जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गयी थी. पुलिस इस केस की जांच करती रही लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पुलिस को हत्यारे को पकड़ने में सफलता नहीं मिली.

इस बीच इसी साल जून में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रामकुमारी सोनी की भी किसी अज्ञात शख्स ने सोते समय हत्या कर दी. तीनों ही हत्याएं एक ही तरह से की गई थी जिसके बाद इलाके में सीरियल किलिंग को लेकर लोगों में दहशत थी.

2009 को हुई एक हत्या से मिला सुराग

दतिया एसपी अमन सिंह के मुताबिक, पुलिस के सामने लगातार हो रहे ऐसे कत्ल की गुत्थी को सुलझाना बड़ी चुनौती थी. पुलिस के पास हत्यारे का कोई सुराग नहीं था सिवाय क़त्ल के तरीके के अलावा. हत्यारे ने तीनों ही कत्ल एक ही तरीके से करे थे.

तीनों ही हत्याएं रात के वक्त की गई जब मृतक गहरी नींद में सो रहे थे. तीनों ही हत्याओं में मृतकों के सिर पर भारी वस्तु से जोरदार वार किया गया था. ऐसे में पुलिस ने दतिया ज़िले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बीते 15 सालों में हुई हत्याओं की केस डायरी खंगालना शुरू किया.

इसी दौरान 2009 में हुए इरफान नाम के एक शख्स के कत्ल का तरीका इन तीन अंधे कत्लों से मिलता हुआ निकला. पुलिस ने पाया कि 2009 में हुई इरफान की हत्या में जुगल किशोर ढीमर नाम के एक शख्स को जेल हुई थी लेकिन बाद में वो जमानत पर जेल से बाहर आ गया था. पुलिस के पास बस यही वो सुराग था जिसने जांच की दिशा को बदल दिया.

इसके बाद पुलिस ने जुगल किशोर ढीमर पर नज़र रखना शुरू किया. इलाके के लोगों से पुलिस के सूत्रों को ढीमर के व्यवहार में बदलाव की जानकारी मिली तो पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो एक-एक कर तीनों ब्लाइंड मर्डर का राज खुल गया.

मामूली बात पर की थी हत्याएं

पूछताछ में आरोपी जुगल किशोर ने पुलिस को बताया कि उसने ही तीनों हत्याओं को अंजाम दिया था. उसने बताया कि याकूब और सलमा का खून उसने इसलिए किया था क्योंकि याकूब ने उसको बरामदे में बैठने से मना किया था और इस दौरान बहस होने पर उसने धक्का देकर उसे गिरा दिया था, इसलिए उसने रात को घर मे घुसकर सोते समय याकूब और उसकी पत्नी की लकड़ी के लट्ठे से हत्या कर दी.

इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रामकुमारी सोनी की हत्या भी उसने उसकी डांट से नाराज़ होकर की थी. दरअसल जुगल का पैर रामकुमारी के पैर पर गलती से रखा गया था और वो गिरते-गिरते बची थी और इससे नाराज़ होकर जुगल ने रात के समय रामकुमारी के सिर पर लट्ठे से वार कर हत्या कर दी थी. इस तरह पुलिस ने सूझबूझ से तीन-तीन अंधे कत्ल का खुलासा करने में सफलता हासिल की.