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लोक तन्त्र के चार स्तम्भों मेंं से कमजोर होता एक स्तम्भ : परवेज अख्तर
July 24, 2020 • परिवर्तन चक्र

*कार्यपालिका* 
 *न्यायपालिका* 
 *विधायिका* 

लोक तंत्र के इन *तीन स्तम्भ* पर नज़र रखने और लोगों को इनकी बातों व हरकतों  से निष्पक्ष तरीके से रूबुरू कराने के लिये ही 
 *चौथा स्तम्भ* यानी *पत्रकारिता* मौजूद है पर अब इस चौथे स्तम्भ पर भी ज़बरदस्त खतरा मन्डराने लगा है इसकी बहुत सारी वजह हो सकती हैं पर जो खास वजह निकल कर सामने आयी हैं वो इस प्रकार हैं कि पत्रकारिता अब निष्पक्ष न हो कर बिज़नेस बन कर रह गयी है बड़े मीडिया चैनल हकीकत में दलाल मीडिया बन कर रह गये हैं वो सिर्फ़ सत्ता पक्ष के पिछलग्गू बनकर जी हुज़ूरी वाली स्टाईल में काम कर रहे हैं प्रिन्ट मीडिया में नामी अखबार के शायद ही कुछ लोग बचे हैं जिनका ज़मीर ज़िंदा है उसके बाद छोटे पोर्टल चैनल व दैनिक और साप्ताहिक व मंथली न्यूजपेपर व मैगजीन के तमाम पत्रकार व कुकुरमुत्ते की तरह पैदा हुये फ़र्ज़ी पत्रकारों ने इस चौथे स्तम्भ की नींव इतनी कमज़ोर कर दी है कि आज एक छोटा अधिकारी भी बड़ी गिरी नज़र से देखता है और पत्रकारों को बहुत हल्के में लेता है उसी का नतीज़ा गाज़ियाबाद में *पत्रकार विक्रम जोशी* के कत्ल के रूप में सामने आया है पत्रकार अकसर लोगों की पैरवी करने थाने जाते हैं क्योंकि कुछ हद तक आज भी लोगों का पत्रकारों के एक तबके पर भरोसा कायम है विक्रम जोशी वाले प्रकरण में भतीजी की छेड़खानी के आरोप में पुलिस को उन शोहदों पर तुरन्त एक्शन लेना चाहिए था और इसलिए भी लेना चाहिए था कि उस छेड़खानी के मामले में पीडिता के पत्रकार मामा ने पैरवी की थी पर यहाँ पर पत्रकारों को हल्के में लेने की ही बात थी के होगे पत्रकार मेरे ठेंगे से।
जिसकी वजह से उन लफ़ंगो की इतनी हिम्मत बढ़ गयी कि उन लोगों ने पत्रकार की जान लेने में गुरेज़ नहीं किया वो भी उनकी बच्चियों के सामने !
अब गिरफ़्तारी होगी, स्वo पत्रकार की शाहादत की कीमत घर वालों को दी जायेगी अपराधियों की धरपकड़ के लिये टीमें गठित की जायेंगी 
बस उसके बाद कुछ दिन बाद सबकुछ सामान्य हो जायेगा 
और लोग भूल जाएंगे 

*कौन विक्रम जोशी ?* 
 *कौन पत्रकार ?* 

काश कि लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ फ़िर से अपने पुराने आकार में आकर समाज में अपनी पैठ बनाये भरोसा बनाये हनक बनाये 
ताकि 
 *न्याय पालिका* 
 *कार्यपालिका* 

और *विधायिका* इस चौथे स्तम्भ की हनक से समाज में अच्छा व सच्चा उदाहरण पेश कर सकें!
और जनता को राहत मिल सके!!