ALL ताजा खबरें राष्ट्रीय समाचार परिवर्तन चक्र स्पेशल शिक्षा समाचार दुनिया समाचार क्रिकेट समाचार मनोरंजन समाचार पॉलिटिक्स समाचार क्राइम समाचार साहित्य संग्रह
कोरोना वायरस से भी ज्यादा घातक टीबी से भारत में हो सकती है 95,000 अतिरिक्त मौत : वैज्ञानिक
June 26, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना वायरस संकट से जूझ रही है। दुनिया में अब तक 95 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। देश में भी कोरोना ( Covid-19 Virus ) का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इसी बीच वैज्ञानिकों (Scientist Research ) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आने वाले दिनों में कोरोना के कारण टीबी (Coronavirus Impact on TB Patient ) मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि भारत में 95,000 टीबी से संबंधित मौत हो सकती है। टीबी कोरोना से भी घातक हो सकता है। इसका कारण उपचार में देरी, स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान होंगे। बता दें कि पहले हर दिन दुनिया में टीबी से मरने वालों का आंकड़ा 4 हजार था, जो अब तेजी से बढ़ रहा है।

आंकड़ों के आधार पर रिसर्च लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ( LSHTM ) और लैंकेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस बात पर रिसर्च किया है। उन्होंने पिछले कई सालों के आंकड़ों के आधार पर अगले पांच वर्षों में भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में टीबी से अतिरिक्त मौत का आकलन किया है। शोध में कोरोना महामारी से फैलने और इसके स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को भी शामिल किया गया है।

अगले 5 सालों में बढ़ेंगे टीबी के मरीज यूरोपीय रेस्पिरेटरी जर्नल में प्रकाशित इस शोध में कहा गया कि चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका से शुरुआती आंकड़ों का अध्ययन किया गया, जो वैश्विक टीबी के लगभग 40% मामले हैं। उन्होंने बताया कि टीबी के लिए निदान और इलाज में काफी गिरावट आई है।

कोरोना के चलते टीबी मामलों के प्रभाव पर अध्ययन के लिए छह महीने तक चलने वाले सोशल डिस्टेंसिंग उपायों और स्वास्थ्य सेवा व्यवधान के विभिन्न कार्यान्वयनों के साथ विभिन्न परिदृश्यों का मॉडल तैयार किया। उन्होंने कहा कि अगले 5 सालों में टीबी के मरीजों में वृद्धि होगी। वैज्ञानिकों के अनुसार चीन में 6,000, भारत में 95,000 और दक्षिण अफ्रीका में 13,000 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग बन सकता है हथियार शोधकर्ताओं का कहना है कि इन मौतों पर काबू पाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एक अच्छा हथियार है। उन्होंने बताया कि टीबी की बीमारी का कारण माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (एक जीवाणु ) हवा में बूंदों के माध्यम से एक दूसरे को संक्रमित करता है। सोशल डिस्टेंसिंग से इन पर काबू पाया जा सकता है।