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कोरोना काल में ट्रेन में सफर करना बन सकता है खतरनाक, अध्ययन में हुआ खुलासा
August 4, 2020 • परिवर्तन चक्र

-स्पेशल ट्रेनें को छोड़कर ट्रेनों की गति को रोक दी गई है।

-इस बीच वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए ट्रेन के सफर को खतरे से खाली नहीं बताया है।

-वैज्ञानिकों का मानना है कि ट्रेन में कोरोना संक्रमित यात्रा कर रहा है तो 2 घंटे की यात्रा के दौरान वह 8 फुट की दूरी पर बैठे सहयात्री को वायरस दे सकता है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 18 लाख के पार हो चुकी है। कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से लंबे समय से यातायात ठप पड़ा है। स्पेशल ट्रेनें (Special Trains) को छोड़कर ट्रेनों की गति को रोक दी गई है। इस बीच वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए ट्रेन के सफर (Train Journeys) को खतरे से खाली नहीं बताया है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ट्रेन में कोरोना संक्रमित यात्रा कर रहा है तो 2 घंटे की यात्रा के दौरान वह 8 फुट की दूरी पर बैठे सहयात्री को वायरस दे सकता है। अगर आप एक घंटे की ट्रेन यात्रा करते हैं तो आप खुद दूसरे यात्रा से कम से कम 3 फुट 2 इंच दूर बैठना होगा।

वैज्ञानिकों का दावा है कि ऐसा करने पर कोरोना आपके पास नहीं भटकेगा। यह अध्ययन ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेंप्टन के वर्ल्डपॉप प्रोजेक्ट के तहत वैज्ञानिकों ने चीन की हाईस्पीड ट्रेनों में किया है।

सामने वाली सीट पर बैठे व्यक्ति को खतरा अधिक :-

वर्ल्डपॉप के निदेशक प्रो. एंडी टैटेम का कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग ही नहीं बल्कि यात्रा कितनी देर की है, इस पर भी संक्रमण की चपेट में आना निर्भर करता है। संक्रमित व्यक्ति के सामने वाली सीट पर बैठे व्यक्ति को संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। 3.5 फीसदी यात्री अपने संक्रमित सहयात्री की चपेट में आ सकते हैं। एक ही लाइन में सीट पर बैठे व्यक्तियों को ये खतरा 1.5 फीसदी है।

यात्रियों के लिए सलाह :-

-वैज्ञानिकों ने ट्रेन या दूसरे सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों को यात्रा के दौरान नियमित मास्क पहनने की सलाह दी है।

-हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करना होगा। संभव हो तो यात्रा के दौरान कुछ खाएं-पीएं नहीं। छोटे बच्चों के साथ यात्रा करनें से बचें।

-यात्रा के दौरान चेहरे पर हाथ बिलकुल न लगाएं।

-वायरस इस लापरवाही का लाभ उठाकर शरीर के भीतर दाखिल हो सकता है।