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इस महिला IPS के नाम से कांपते हैं आतंकी, कई अपराधियों को पहुंचा चुकी हैं जहन्नुम
September 17, 2020 • परिवर्तन चक्र

संजुक्‍ता पराशर : देश की बेटियां पुलिस से लेकर सेना तक हर उस क्षेत्र में आज अपना लोहा मनवा रही हैं, जहां पहले सिर्फ पुरुषों का ही वर्चस्व था। ऐसी ही देश की एक बेटी है जिसका नाम सुनते ही आपराधियों के साथ आतंकी भी कांपने लगते हैं। इनका नाम है आईपीएस संजुक्‍ता पराशर। संजुक्ता असम की आयरन लेडी और लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हैं।

IPS अफसर संजुक्ता पराशर मूलतः असम की रहने वाली हैं। वह 2006 बैच की IPS अफसर हैं।

असम से स्कूलिंग करने के बाद संजुक्ता दिल्ली आ गईं। संजुक्‍ता पराशर ने दिल्‍ली के इंद्रप्रस्‍थ कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएट किया। इसके बाद संजुक्ता पराशर JNU से इंटरनेशनल रिलेशन में पीजी और यूएस फॉरेन पॉलिसी में MPhil और Phd किया।

जेएनयू से पीएचडी करने के साथ ही वह यूपीएससी की तैयरी भी कर रही थीं। उनकी तैयारी साल 2006 में रंग लाई और उन्होंने यूपीएसी क्लियर कर लिया।

यूपीएससी में उनकी 85वीं रैंक आई। संजुक्ता ने आईपीएस बनना चुना। वह असम-मेघालय कैडर के लिए चुनी गईं।

संजुक्ता को साल 2008 में असम के माकुम जिले में असिस्टेंट कमाडेंट के तौर पर पहली फील्ड पोस्टिंग मिली। कुछ समय बाद उन्हें उदालगिरी में हुई बोडो और बांग्लादेशियों के बीच की जातीय हिंसा को काबू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

तब संजुक्ता ने केवल 15 महीने में ही इन्होंने 16 आतंकियों को मार गिराया और 64 से ज्यादा आतंकियों को सलाखों के पीछे भेजा। संजुक्ता हाथों में एके 47 के साथ खुद बी जंगलों में कॉम्बिंग करती हैं।

संजुक्ता पराशर ने IAS पुरु गुप्ता से शादी की है। उनका एक बेटा भी है।संजुक्ता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ड्यूटी की मजबूरियों के चलते वह दो महीने में एक-आध बार ही परिवार से मिल पाती हैं। 

असम के उग्रवादी संगठनों की ओर से संजुक्ता को जान से मारने की धमकियां भी मिलती हैं। कई बार बाजारों में भी उनके खिलाफ पंफलेट चस्पा किए गए। लेकिन ऐसी धमकियों से डरे बिना संजुक्ता पराशर बहादुरी के साथ आतंकियों को उनके सही स्थान पर पहुंचा रही हैं।