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हेल्थ : इन ड्रिंक्स को पीने से बीपी कंट्रोल करने में मिलेगी मदद
August 19, 2020 • परिवर्तन चक्र

Tips for High BP Patients : नारियल पानी में न तो कोलेस्ट्रॉल होता है और न ही फैट, साथ ही 100 मिलीलीटर नारियल पानी में केवल 19 कैलोरी ही मौजूद होता है। Tips

आज के समय में रक्तचाप की समस्या आम हो गई है। उच्च व निम्न रक्तचाप की समस्या को कई लोग हल्के में लेते हैं। बता दें कि सामान्य व्यक्ति की तुलना में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है। वहीं, दिल संबंधी दूसरे रोग, किडनी रोग, स्ट्रोक और मस्तिष्क से जुड़े रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।

खराब जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण लोगों के रक्तचाप का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा स्ट्रेस भी हाई बीपी का बहुत बड़ा कारण माना जाता है। इन मरीजों के लिए दवाइयों का सेवन तो जरूरी है ही, साथ ही कुछ घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। बीपी के मरीजों को नियमित रूप से इन पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए –

पानी : आपको जानकर आश्चर्य होगा कि रक्तचाप को नियंत्रण में रखने के लिए जो सबसे फायदेमंद पेय पदार्थ है, वो है पानी। बता दें कि लोगों के दिल का 73 प्रतिशत हिस्सा पानी से ही बना है। वहीं, कई अध्ययनों से पता चलता है कि अगर पानी में मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे खनिज मिला दिये जाएं तो ये ब्लड प्रेशर को काबू में रखने में कारगर है।

गुड़हल की चाय : आज के समय में हर्बल टी की मांग बढ़ गई है। कई स्वास्थ्य फायदों के कारण ज्यादातर लोग इनका सेवन करते हैं। बीपी के मरीजों के लिए गुड़हल यानी अड़हुल के फूल की पत्तियों से बनी चाय भी लाभदायक साबित हो सकती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है जिससे बीपी का स्तर ठीक बना रहता है। इसको पीने से वजन भी नियंत्रित रहता है, बता दें कि बीपी बढ़ने के मुख्य कारणों में मोटापा भी शामिल है। हालांकि, ग्रीन टी बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए ग्रीन टी पीने से परहेज करें। नारियल पानी: अमेरिका के कृषि विभाग के मुताबिक 100 मिलीलीटर नारियल पानी में केवल 19 कैलोरी ही मौजूद होता है। इसके अलावा इसमें न तो कोलेस्ट्रॉल होता है और न ही फैट। ऐसे में नारियल पानी का सेवन बीपी के मरीजों के लिए बेहतर व स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हो सकता है।

तुलसी काढ़ा : सबसे बेहतर आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक तुलसी भी बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद है। तुलसी से बने काढ़े का सेवन करके मरीज अपने रक्तचाप के स्तर नियंत्रित रख सकते हैं। तनाव बीपी बढ़ने के प्रमुख कारणों में से है, तुलसी के सेवन से स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल का उत्पादन कम मात्रा में होता है। ये काढ़ा पीने से ब्लड वेसल्स को मजबूती मिलती है और दिल से पूरे शरीर में खून ठीक तरह से फ्लो कर पाता है।