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देश में चितरंजन के चाहनेवाले दुखी फोन से भेज रहे शोक संदेश
June 27, 2020 • परिवर्तन चक्र

मानवाधिकारवादी नेता चितरंजन सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। देश भर में फैले उनके चाहने वालों ने फोन पर अपनी संवेदना प्रेषित कर उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि चितरंजन सिंह का निधन देश में मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए एक सदमा है। गुड़िया संस्था के निदेशक व जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने अपनी संवेदना में चितरंजन सिंह के निधन को सार्वजनिक क्षति बताया है। पीयूसीएल की प्रदेश महासचिव वंदना मिश्र ने उनके निधन को संगठन की बड़ी क्षति बताया।

दिल्ली के स्वतंत्र पत्रकार विवेक पाण्डेय ने कहा कि चितरंजन सिंह का जाना एक ऐसा आघात है जिसे सहन करना असह्य है। शोक संवेदना प्रकट करने वालों में जनमत के सदस्य संपादक मण्डल मनोज सिंह, लोकमत के पूर्व संपादक उत्कर्ष सिन्हा, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सदानन्द शाही, पूर्व प्रोफेसर अवधेश प्रधान, पत्रकार अनिल यादव, अमरउजाला लखनऊ के सुमन्त पाण्डेय आदि शामिल रहे।

शोक संवेदनाओं के आने का क्रम जारी है। चितरंजन सिंह के भाई व पत्रकार मनोरंजन सिंह ने बताया कि देश भर से लोगों के फोन आ रहे हैं और शोक संवेदना प्रकट करने का क्रम बना हुआ है।