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दरोगा का महिला के साथ अश्लील ऑडियो वायरल, हुआ गिरफ्तार
September 12, 2020 • परिवर्तन चक्र • दुष्कर्म

बिहार के औरंगाबाद जिले के संझौली थाना क्षेत्र की एक महिला से केस के सिलसिले में बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष केएन यादव के अश्लील व्यवहार का ऑडियो वायरल हुआ है. एसपी के निर्देश पर धरमपुरा ओपी थानाध्यक्ष कामेश्वर नारायण यादव को संझौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

बिहार में पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है. सिवान जिले के बाद रोहतास में भी एक आशिक मिजाजी दरोगा का ऑडियो वायरल हो रहा है. जिसमें वो एक महिला से अश्लील बातें कर रहे हैं. रंगीन मिजाज दरोगा का यह अश्लील ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रहा है. रोहतास जिले के संझौली थाना क्षेत्र के तत्कालीन थाना प्रभारी केएन यादव रंगीन मिजाज दारोगा इश्क फरमा रहे हैं. वो भी एक पीड़ित महिला से जो एक केस के सिलसिले में प्रभारी से न्याय की उम्मीद से गई थी. 

बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष केएन यादव के अभद्र व्यवहार के वायरल ऑडियो पर रोहतास एसपी ने संज्ञान लिया है. एसपी के निर्देश पर धरमपुरा ओपी थानाध्यक्ष कामेश्वर नारायण यादव को संझौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 

दरोगा का अश्लील ऑडियो वायरल 

थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बिक्रमगंज डीएसपी राजकुमार ने बताया कि वायरल ऑडियो के आधार पर संझौली पुलिस द्वारा धरमपूरा थानाध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया है. बहरहाल महिला से फोन पर अभद्र व्यवहार के वायरल ऑडियो के बाद एसपी के निर्देश पर धरमपुरा थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की खबर से पुलिस महकमा सकते में है एवं इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. 

महिला को कर रहा था प्रताड़ित

बता दें, बिहार पुलिस के मैनुयल के अनुसार किसी भी दर्ज प्राथमिकी पर मोबाइल नंबर देना जरूरी किया गया है. जांच में सहयोग और आसान हो इसके लिए. लेकिन एक मामले में महिला को अपना मोबाइल नंबर देना काफी भारी पड़ गया. क्योंकि तत्कालीन प्रभारी महोदय पीड़ित महिला से केस के सिलसिले में बात करने की बजाए उसकी मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश करने लगे. 

दरोगा हुआ गिरफ्तार 

संझौली थाना के एक मारपीट के मामले में अपना केस दर्ज कराने के लिए पीड़ित महिला कई दिनों तक थाना प्रभारी केएन यादव के पास जाती रही लेकिन थाना प्रभारी ने उसका केस ना दर्ज कर उसके दूसरे पक्ष से मामला दर्ज करा लिया. पीड़ित महिला की मदद के नाम पर उसे बहलाने और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया. प्रभारी और पदाधिकारी समझ कर कुछ दिन तो महिला ने इनकी बातों को इग्नोर करती रही. लेकिन साहब ने जल्द ही फोन पर ही अपने मकसद को पीड़िता के सामने रख दिया.