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Coronavirus : को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, मच्‍छरों के थूक बनेगी सुपर वैक्‍सीन, बड़ी से बड़ी बीमारी होगी खत्म
June 12, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) का कहर लगातार जारी है। लगातार इस महामारी से लोगों की जान जा रही है। कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के इलाज को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) का कहना है कि अब तक इसकी कोई दवा उपबल्ध नहीं है। दवा बनाने के लिए बहुत से देश लगातार कोशिश कर रहे हैं।

लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच दुनिया को अब इसकी वैक्सीन (coronavirus vaccine) का इंतजार है। भारत (India), अमरीका, ब्रिटेन, इस्रायल ( Israel) , फ्रांस (France) समेत कई देशों में वैक्सीन, सभी देश इसके ट्रायल ( coronavirus vaccine Trial) के अलग-अलग स्टेप ले रहे हैं। हर दिन इसे लेकर नए- नए शोध व दावे किए जा रहे हैं। इस बीच मच्‍छरों के थूक से वैक्सीन बनने की बात सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि यह डेंगू जैसी कई बड़ी बीमारियों का खात्‍मा करेगा। यह दावा किया है करीब 5 साल पहले मच्‍छरों से भरे कंबोडिया ने।

इन बीमारियों से भी होगा बचाव

शोधकर्ता जेसिका का मानना है कि मच्‍छरों के लार में पाए जाने वाले प्रोटीन से एक वैश्विक वैक्‍सीन का निर्माण किया जा सकता है। जेसिका का मानना है कि अगर इस वैक्‍सीन में सफलता मिलती है तो यह बड़ी खोज होगी न सिर्फ कोरोना वायरस के लिए बल्की कई एेसी बीमारियों के लिए भी रामबाण साबित होगा। ये डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका, यलो फीवर, मायरो आदि अन्‍य बीमारियों से इंसान का बचाव हो जाएगा।

ट्रायल में पता चलता सुरक्षिक है वैक्सीन

शोधकर्ता जेसिका ने मच्‍छर के थूक से बनी वैक्‍सीन के पहले क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम के बारे में बताया। इस ट्रायल में पता चलता है कि मच्‍छर के लार से बनी वैक्‍सीन Anopheles सुरक्षित है और इससे एंटीबॉडी बनता है और कोशिकाओं का रेस्‍पांस बढ़ता है। एक शोधकर्ता माइकल मैकक्रैकन का कहना है इसके सबसे पहले रिजल्ट से लगता है कि ये असर करेगा।

मलेरिया से जाती है लाखों की जान

मैकक्रैकन ने एक अंग्रेजी अखबार को बयान देते हुए कहा कि 'यह बड़ी उपलब्धि है। महत्‍वपूर्ण सफलता है। मच्‍छर धरती पर सबसे खतरनाक जीव हैं।' आपको बता दें, मच्छरों के कारण फैलने वाली इस बीमारी में हर साल कई लाख लोग जान गंवा देते हैं। एक रिपोर्ट के मुकाबिक पूरी दुनिया की 3.3 अरब जनसंख्या में लगभग 106 से देश हैं जिनमें मलेरिया का खतरा है। साल 2012 में मलेरिया के कारण लगभग 6,27,000 मौतें हुई जिनमें से अधिकतर अफ्रीकी, एशियाई, लैटिन अमेरिकी बच्चे शामिल हैं।

गौरतलब है कि देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्था मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 2 लाख 93 हजार से ज्यादा मामले हैं वहीं, अब तक 7400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों की सूची में ब्रिटेन को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत में अभी कोरोना के 2 लाख 93 हजार 754 मामले हैं, वहीं इससे पहले चौथे स्थान पर काबिज ब्रिटेन में संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 91 हजार 558 है।

साभार- पत्रिका