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ब्रैकिंग न्यूज़ : अब दुनिया से बेदखल होगा चीन, इस महाशक्ति ने कर दी शुरूआत
April 14, 2020 • अजय कुमार सिंह • ताजा खबरें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बाद अब कोरोना को मात देकर फिर से काम पर लौटे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी चीन को विश्वबिरादारी से बेदखल करने के संकेत दिये हैं। बोरिस जानसन के ये संकेत यूं ही नहीं है। बोरिस जॉनसन ने कोरोना वायरस के फैलने के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोबरा इंटेलिजेंस यूनिट' का गठन किया था।

बोरिस जॉनसन को कोबरा कमेटी ने रिपोर्ट दी है कि ब्रिटेन को चीन के साथ संबंधों का दोबारा मूल्यांकन करने की जरूरत है। वे चाहते हैं हाई-टेक तथा रणनीतिक उद्योग में चीनी निवेश पर नियंत्रण होना चाहिए। ब्रिटिश कूटनीतिज्ञ और चीन में काम कर चुके चार्ल्स पार्टन का कहना है कि लंदन-पेइचिंग के रिश्ते पर दोबारा विचार की जरूरत है क्योंकि चीन इसे दीर्घ अवधि के लिए पश्चिमी देशों के साथ प्रतियोगिता के रूप में देखता है।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस से 10 हजार से अधिक मौत हो चुकी है।

एक ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन डिजिटल कम्युनिकेशन और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसे हाई-टेक चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाना चाहता है और फिर अपनी विभिन्न यूनिवर्सिटीज में चीनी छात्रों की छंटाई करेगा।

कोबरा कमेटी ब्रिटेन के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर को बताया है कि चीन ने अपने यहां कोरोना के केस और मौत की संख्या कमकर बताई है और व्हाइट हाउस में भी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने कुछ ऐसा ही बोला था। खुफिया एजेंसियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि चीनी गतिविधियों पर कुछ महीने तक नजर रखी जाएगी। ब्रिटेन की एमआई-5 के नए डायरेक्टर जनरल केन मैककुलम महीने के अंत में पदभार ग्रहण करेंगे और वह इस वादे के साथ लाए जा रहे हैं कि संगठन अब चीन पर विशेष नजर रखी जायेगी।

ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल, रक्षा मंत्री बेन वॉलेस, संसद संसद में लीडर ऑफ हाउस जैकब रीस-मॉग भी चीन को संदेह की नजर से देखते हैं। हालांकि, डेविड कैमरन और जॉर्ज ऑस्बोर्न की सरकारों में चीनी निवेश को महत्वपूर्ण बताया गया था। ये निवेश न्यूक्लियर पावर और टेलिकॉम क्षेत्र में हो रहे थे। हालांकि, जब टरीजा मे ने पदभार ग्रहण किया, उन्होंने चीनी जनरल न्यूक्लियर पावर ग्रुप के इन्वेस्टमेंट की समीक्षा के आदेश दिए थे लेकिन बाद में इसे मंजूरी दे दी गई।

साभार- संस्कार न्यूज़