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भारतीय वैज्ञानिक का दावा हो रहा है सच, भारत में जुलाई के पहले हफ्ते तक 21 लाख लोग होंगे संक्रमित
June 10, 2020 • परिवर्तन चक्र

न्यूयॉर्क। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है, क्योंकि अभी तक इसका कोई भी आधिकारिक वैज्ञानिक समाधान नहीं मिल सका है। इस बीच भारत में लगातार कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर एक बड़ी चौंकाने और चिंताजनक बात सामने आई है।

दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने बीते दिनों ये कहा था कि भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों (Asean Country) में एक बड़ी आबादी कोरोना का शिकार हो सकती है। अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister Manish Sisodia) ने मंगलवार को अनुमान लगाते हुए कहा कि जुलाई तक 5 लाख लोग संक्रमित हो सकते हैं।

बता दें कि 23 मई को भारतीय मूल की वैज्ञानिक भ्रमर मुखर्जी (Bhramar Mukherjee) ने ये दावा किया था कि जुलाई के पहले हफ्ते तक भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 21 लाख तक पहुंच सकती है। इतना ही नहीं मरीजों की संख्या हर 13 दिन में डबल हो जाएंगे।

पांचवां सबसे प्रभावित देश है भारत

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में पांचवें और एशिया में पहले स्थान पर है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन ( University of Michigan ) और जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी (Johns Hopkins University) ने भारत में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चेतावनी दी है कि जुलाई के पहले हफ्ते में भारत में 21 लाख लोग संक्रमण के शिकार हो सकते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में बॉयोस्टैटिस्टिक्स और महामारी रोग विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर भ्रमर मुखर्जी ने बताया है कि हमने भारत में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर एक मॉडल तैयार किया था, जिसके मुताबिक टीम ने अप्रैल में चेतावनी थी की मध्य मई तक भारत में 1 लाख से अधिक लोग संक्रमण के शिकार होंगे।

13 दिन में डबल हो रहे हैं मामले

प्रोफ़ेसर भ्रमर मुखर्जी ने बताया कि भारत में अभी 13 दिन में कोरोना के मामले डबल हो रहे हैं। अब जब लॉकडाउन में ढील गई है तो ऐसे में यह तेजी के साथ बढ़ सकता है। इधर मनीष सिसोदिया ने भी बताया कि दिल्ली में 12-13 दिन में कोरोना के मामले डबल हो रहे हैं। 15 जून तक राष्ट्रीय राजधानी में 44000 मामले होने की आशंका है और ऐसे में दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों के लिए इलाज के लिए 6000 बेड की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 30 जून तक दिल्ली में 1 लाख कोरोना केस हो जाएंगे, तब 15 हजार बेड की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह से 15 जुलाई तक सवा 2 लाख से ज्यादा केस के लिए 33 हजार बेड की जरूरत होगी और 31 जुलाई तक साढ़े 5 लाख केस होंगे जिसके लिए दिल्ली में 80 हजार बेड की जरूरत पड़ेगी।

आपको बता दें कि पूरी दुनिया में संक्रमण के मामलों की संख्या के हिसाब से शीर्ष 10 देशों की सूची में पहले स्थान पर अमरीका है। इसके बाद ब्राजील, रूस, ब्रिटेन, भारत, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी और तुर्की के नाम हैं।