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भाजपा सरकार शासन नहीं दुकान चला रही है : सुशील कुमार पांडेय
October 7, 2020 • परिवर्तन चक्र

बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय "कान्हजी" ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार शासन नही चला रही है बल्कि यू कहा जाय कि दुकान चला रही है तो गलत नही होगा और यह सरकार देश चलाने के बजाय देश के साधनों-संसाधनों का बाजार लगा रही है। निजीकरण से वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बेचने में लगी है। इसके दुष्प्रभावों के बारे में भाजपा नहीं सोच रही है। उसे शासन चलाने में अपनी असफलता मान लेनी चाहिए। उसकी अपनी आर्थिक कुनीतियों के चलते अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। स्थिति उसके नियंत्रण में नहीं रह गई है। इसलिए वह जल्दी से जल्दी सरकारी सेवाओं को निजी हाथों में सौंप कर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधन करते हुए बाहर निकलने का मौका चाहती है।

कान्हजी कहा कि भाजपा सरकार टोल, मण्डी, आईटीआई, पाॅलीटेक्नीक, सरकारी माल, हवाई अड्डा, रेल, लालकिला और बीमा कम्पनियों के निजीकरण की दिशा में कदम उठा रही हैं। रेलवे अस्पतालों को बेचने के लिए टेण्डर मांगे जा रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद खाली पदों में 50 प्रतिशत पदों को समाप्त किए जाने का फैसला हो चुका है। सरकारी बैंकों की संख्या 12 से 5 करने की तैयारी है। सरकार बैंकों की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को बेचने की तैयारी कर रही है। बीमा कम्पनियों पर भी तिरछी नज़र है। एयरपोर्ट को पहले ही निजी हाथो में दिया जाना तय हो चुका है।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि देश में रोजगार की स्थिति पिछले 15 सालों में सबसे खराब है। नौकरियां मिल नहीं रही हैं। 40 करोड़ रोजगार जाने की भविष्यवाणी राष्ट्र संघ का अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन कर चुका है। कोरोना संकट में लाॅकडाउन के चलते लाखों श्रमिकों की जिंदगी में अंधेरा छा गया। भाजपा सरकार अपनी एकाधिकारी मानसिकता और अधिनायक वादी सोच के चलते नौजवानों, राज्यकर्मचारियों, व्यापारियों की आवाज सुनने के बजाय उनके दमन में विश्वास रखती है। शिक्षकों को परेशान करने के लिए एक अलग से महा निदेशक बैठा दिए है।सरकार के इस सब रवैये से जनता में भारी आक्रोश है। और उत्तर प्रदेश में विधानसभा के होने वाले उपचुनावों में ही उसे जनता करारा सबक सिखा देगी और 2022 के आम चुनाव में तो इस अहंकारी सरकार का अन्त ही होगा।