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बलिया : शिविर लगा कर बनाये जा रहे आयुष्मान गोल्डेन कार्ड
October 28, 2020 • परिवर्तन चक्र • बलिया समाचार

जनपद में इस योजना से जुड़े है 12 सरकारी एवं 13 प्राइवेट अस्पताल

बलिया। प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री- जन आरोग्य योजना एवं मुख्य मंत्री जन आरोग्य अभियान में तेजी लाने के लिए जनपद में विशेष अभियान  शुरू किया जा चुका है, जिसमें गांव -गांव शिविर लगाकर लक्षित परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जितेन्द्र पाल द्वारा समस्त अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुका है। ग्राम प्रधान, कोटेदार व आशा व एएनएम को लाभार्थियों को शिविर तक लाने का जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही संबंधित विभागों से भी सहयोग की अपील की गयी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में अभी तक एक भी गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं वहां विशेष अभियान चला कर गोल्डेन कार्ड बनाया जाय। आशा वर्कर व एएनएम चिन्हित लाभार्थियों के घर जाकर उन्हें कैंप तक लेकर आएंगी। इसमें ग्राम प्रधान व कोटेदार भी सहयोग करेंगे। छूटे हुए लक्षित लाभार्थियों व प्रवासी मजदूरों के परिवार के प्रत्येक सदस्यों के कार्ड बनाए जाएंगे। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.  एच. एन. प्रसाद ने  बताया कि आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद ही फायदेमंद योजना है। पहले भी लोगों को इस योजना के बारे में काफी जागरूक किया गया है। अब विशेष अभियान चलाकर गांवों में शिविर के जरिए लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है। जनपद में कुल 1.78 हजार परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। 60 हजार से अधिक परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी तक जिले के 5 हज़ार से अधिक  लाभार्थीयो को योजना का लाभ मील चुका है। जिसमें 2362 लाभार्थियों का इलाज जनपद के अंदर हुआ है।

जिले में कुल 12 सरकारी एवं 13 प्राइवेट अस्पताल योजना से जुड़े हुए हैं, जिनमें योजना से जुड़े हुए लाभार्थी परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना को और सुचारू एवं सुगम बनाने के लिए सभी लाभार्थी परिवारों का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे कि लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में जाकर योजना का लाभ ले सके, और उसे कोई कठिनाई न हो। गोल्डेन कार्ड बनाये जाने का आधार वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना है जिसके तहत कुछ निर्धारित मानकों के अनुसार इस योजना में चयनित परिवारों/ व्यक्तियों को पांच लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज का प्रावधान किया गया है। नोडल अधिकारी ने यह भी बताया कि इसका लाभ केवल उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा जिनका नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में अंकित है, अभी नए नाम जोड़े जाने का कोई प्रावधान नही है, लेकिन निकट भविष्य में इसकी उम्मीद की जा सकती है। जिले में उपचारित लाभार्थियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि इस योजना से उन्हें बहुत लाभ है जिसके माध्यम से उनका नि:शुल्क इलाज होता है एवं अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर आवश्यकता अनुसार नियत दिन के लिए मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध करायी जाती हैं।