ALL क्राइम न्यूज स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे उत्तर प्रदेश अध्यात्म कोरोना वायरस देश बलिया समाचार दुष्कर्म मनोरंजन
बलिया : प्रदेश में बढ़ रहे अपराध व महिला उत्पीड़न को लेकर सपा ने जिला मुख्यालय पर किया आंदोलन
October 19, 2020 • परिवर्तन चक्र • बलिया समाचार

बलिया। जनपद के बैरिया तहसील स्थित दुर्जनपुर ग्रामसभा में प्रसाशनिक अमला के उपस्थिति में हुए गोलीकांड की घटना के साथ ही साथ पूरे प्रदेश में बढ़ रहे अपराध और महिला उत्पीड़न को लेकर आज सोमवार को समाजवादी पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर आंदोलन किया। इसी क्रम में बलिया में भी समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया।

पत्रक में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो गए है। महिला उत्पीड़न में प्रदेश इस समय पूरे देश मे अव्वल हो गया है। प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हत्या,लूट और महिलाओं की इज्जत तार-तार हो रही है। मुख्यमंत्री जी की ठोको नीति के कारण कही पुलिस जनता को थोक रही है तो कही जनता पुलिस को और अपराधी निरीह जनता को  बलिया में तो प्रशासनिक क्षमता पर ही सवाल उठ गया जहाँ पुलिस और प्रशासन के आला अफ़्सर उपस्थित हो और गोली चल जय फिर अपराधी वहा से फरार हो जाय यह बात कुछ और ही इसारा करती है कि वह पर प्रशासन भी गोली कांड में दोषी है। पत्रक में दुर्जनपुर गोलीकांड के अलावा उसके एक दिन पहले बलिया नगर के आनन्द नगर मुहल्ले में दिव्यांग अंडा बिक्रेता अजित कुमार गुप्त की हत्या हो गई और अपराधी अब तक गिरफ्तार नही हुए।जब प्रदेश में एक दिव्यांग गरीब अंडा बेचने वाला सुरक्षित नही है तो आम लोगो की जिंदगी तो भगवान भरोसे ही है।समाजवादी पार्टी के लोगो मे राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति भाजपा मंत्री और विधायक द्वार किये गए अनर्गल टिप्पड़ी के कारण बेहद गुस्सा था और उनके नारो एव बातों से स्पष्ट दिख भी रहा था।

इससे पूर्व समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर उपस्थित समाजवादी साथियो को संबोधित करते हुए पूर्वमंत्री जियाउद्दीन रिज़वी ने कहा कि यह सरकार और इसके मुखिया सभी मोर्चो पर फेल हो गए अब सिर्फ झूठ बोल कर लोगो को बरगलाने का असफल प्रयास कर रहे है। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं,शोषितों वंचितों की कोई सुनने वाला नही सरकार सिर्फ बिपक्ष को निपटाने में ब्यस्त है लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या हो रही है। प्रदेश के अंदर चारो तरफ भय का वातावरण ब्याप्त है ऐसे में समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक प्रदेश के लोगो के खुशहाली के लिए संघर्ष करेगी। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिस दिन निर्देश होगा हम इस सरकार के इट से ईंट बजा देंगें। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश खासकर बलिया जनपद में कानून ब्यवस्था नाम की कोई चीज नही रह गई है। अपराधी सरकार और प्रशासन के ऊपर हॉबी हो गए है। सत्ता दल के लोग अपराधियो को संरक्षण दे रहे है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री जी जी बलिया का नाम लेने से डर रहे है तब तो बलिया के साथ न्याय होना ही संभव नही है। यह कितने शर्म की बात है कि प्रदेश का मुखिया ही स्वयं अपने मुंह से अपने ही प्रदेश के किसी जनपद का नाम लेने से डरे। ऐसे मुखिया को तो कुर्सी पर एक मिनट भी नही रहना चाहिए। जनपद बलिया ऋषियों मुनियों और आजादी के महानायको का जनपद है। इस जनपद ने देश को प्रधानमंत्री दिया है समग्र क्रांति के महानायक लोक नायक जय प्रकाश नारायण, छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जन्म भूमि है, आचार्य हजारी प्रसाद की धरती है  बलिया। मुख्य मंत्री जी डरिये मत सत्य के साथ काम करिए अन्यथा तो अब डरना ही होगा। जब समाजवादी पार्टी के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पर जब पहुचे तो वहाँ पत्रक लेनेवाला कोई उच्चाधिकारी उपस्थित नही था जिससे नाराज समाजवादी नेता और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ही जमीन पर बैठ गए और जिला प्रशासन एव सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल उस समय और गमगीन हो गया जब गोली कांड में मृत जय प्रकाश पाल के भाई सूरज पाल भी धरना पर आकर बैठ गए। जहाँ काफी समय नारेबाजी के बाद अपर जिलाधिकारी आकर पत्रक लिए।

इस अवसर पर मुख्य रूप से  श्रीमती मंजू सिंह, गोरख पासवान, सुभाष यादव, लक्षमण गुप्ता,डा. विश्राम सिंह यादव, यशपाल सिंह, रामजी गुप्त साथी, रणजीत चौधरी, रामेश्वर पाण्डेय, मृत्युंजय तिवारी बब्बलू, बंशीधर यादव, जय प्रकाश यादव मुन्ना, संतोष भाई, जमाल आलम, रमेश चंद साहनी, संजय यादव, हीरा लाल यादव, अनन्त मिश्र, राजन कनौजिया, महावीर चौधरी, मकतूल अख्तर, अजय यादव, विजय शंकर यादव, राज प्रताप यादव, रामजी यादव, मृत्युंजय राय, शैलेश सिंह, आशुतोष ओझा, सोयब्बुल इस्लाम, रामेश्वर पासवान, रविन्द्र यादव, कृष्णा, अमित राय, श्रीमती पुनीत सिंह सोनी, अकमल नईम खा, जय पाल यादव, कृष्णा प्रधान, सुभाष यादव, अरुण यादव, चंद्रशेखर उपाध्याय, प्रभुनाथ पहलवान, विजय बहादुर यादव, निर्भय सिंह, आदर्श मिश्र झब्बू, इरफान अहमद, विजय शंकर मंगोलपरि, कृपा शंकर यादव,बरमेश्वर प्रधान, राकेश यादव, जलालुद्दीन जे. डी., दिलीप भाई, अरविन्द वाल्मीकि, पिंटू पासवान, बंधु गोड़, शामू ठाकुर, विश्वनाथ यादव, मिंटू खा, अजित सिंह यादव, भीम यादव, शैलेन्द्र यादव, देवेंद्र यादव, जुबेर सोनू, सुदिष्ट यादव, गणेश यादव, अमित राय, साजन यादव, सुमेर यादव, सुरेश राम, अजित गौतम आदि रहे।