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बलिया : पराली जलाए जाने की घटना प्रकाश में आने पर उनके विरुद्ध तीन दिन के अंदर कारण बताओ नोटिस होंगे जारी
October 16, 2020 • परिवर्तन चक्र • बलिया समाचार
 
प्रत्येक राजस्व ग्राम, ग्राम पंचायत, न्याय पंचायतवार एवं विकासखंडवार, सेक्टर प्रभारी एवं नोडल अधिकारी नामित
 
बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया है कि खेतों में कृषि अपशिष्ट एवं अन्य अवशेष के जलाए जाने पर होने वाले प्रदूषण को नियंत्रण करने हेतु जनपद के प्रत्येक राजस्व ग्राम अथवा राजस्व ग्राम कलस्टर के लिए एक राजकीय कर्मचारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। प्रत्येक राजस्व ग्राम, ग्राम पंचायत एवं न्याय पंचायतवार व विकासखंडवार, कार्यक्षेत्रवार कर्मचारी/कार्मिक, सेक्टर प्रभारी एवं नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी/कार्मिक सेक्टर प्रभारी एवं नोडल अधिकारी के रूप में जाकर शासनादेशों एवं मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं तथा फसल अवशेष जलाए जाने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित के विरुद्ध आर्थिक दंड के साथ विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित कराएंगे तथा उप जिलाधिकारी के माध्यम से सूचना उप कृषि निदेशक एवं अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव/ प्राविधिक सहायक ग्रुप सी एवं बी, लेखपाल अपने क्षेत्र के किसानों को पराली जलाए जाने के रोकथाम हेतु जागरूक करेंगे तथा निगरानी भी रखेंगे, अन्यथा पराली जलाए जाने की घटना प्रकाश में आने पर संबंधित कर्मचारियों/अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
 
राजस्व विभाग के अंतर्गत लेखपालों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कृषि अपशिष्ट को जलाए जाने की घटना होती है तो दोषी पाए जाने के संबंध में साक्ष्यों सहित नायब तहसीलदार/तहसीलदार को तीन दिन में सूचित करेंगे और नायब तहसीलदार/तहसीलदार द्वारा संबंधित के विरूद्ध तीन दिन के अंदर सुस्पष्ट कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा। ग्राम पंचायतों तथा ग्राम प्रधानों को भी पराली जलाए जाने की रोकथाम हेतु जागरूक किया जाए तथा पराली जलाए जाने की घटना प्रकाश में आने पर उनका दायित्व भी निर्धारित किया जाए।
 

प्रति घटना पर किसानों को देना होगा जुर्माना

 
उन्होंने कहा कि जिन किसानों द्वारा अपने फसल अपशिष्टों/कूड़ा को जलाया जाता है तो उनके विरूद्ध 02 एकड़ तक के किसानों को रुपये 2500 प्रति घटना, 02 से 05 एकड़ तक के किसानों को रुपये 5000 प्रति घटना तथा 05 एकड़ से अधिक भूमि पर रुपये 15000 प्रति घटना का जुर्माने का प्रावधान है।