ALL क्राइम न्यूज स्वास्थ्य घरेलू नुस्खे उत्तर प्रदेश अध्यात्म कोरोना वायरस देश बलिया समाचार दुष्कर्म मनोरंजन
अगर भारत को अमेरिका, ब्राजील बनने से रोकना है तो फिर लगाना होगा लॉकडाउन : वैज्ञानिक
July 19, 2020 • परिवर्तन चक्र

भारत में कोरोना वायरस थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम कोशिशों के बाद भी संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। मरीजों की संख्या 10 लाख के पार जा चुकी हैं। इसी बीच अब अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि अगर संक्रमण की रफ्तार यही रही तो भारत में ब्राजील और अमेरिका जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि भारत सरकार को संक्रमण पर काबू पाने के लिए फिर से देशव्यापी लॉकडाउन लगाना चाहिए। इस मामले में एम्स के विषाणुविज्ञानी प्रोफेसर डॉ. आनंद कृष्णन ने कहा कि भारत में जब एक हजार केस सामने आए थे, तब तीन माह का लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन, कम टेस्टिंग के कारण संक्रमण के दायरे और स्रोत का सही पता नहीं लग सका। ऐसे में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। लिहाजा लॉकडाउन के कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।

इन राज्यों में हो जांच

एनवाईटी की रिपोर्ट में पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन के प्रमुख के श्रीनाथ रेड्डी ने कहा कि भले ही भारत में जांच क्षमता बढ़ाई है, लेकिन हमें संक्रमित की जांच के साथ ही हर संदिग्ध की जांच करने के लक्ष्य भी हासिल करना होगा। इसके लिए देश के 10 सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में रोजाना कम से कम एक लाख जांच होनी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में 40 हजार के करीब केस हैं। यहां भी घनी आबादी वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित है। यही वजह है कि इन इलाकों में कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु में स्थिति को काबू में करने के लिए रोजाना एक लाख से ज्यादा जांच करनी होगी।

राज्य में लॉकडाउन का सही निर्णय

विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नाटक, असम, बिहार, अरुणाचल समेत राज्यों में लगाया गया लॉकडाउन सही निर्णय है। यहां प्रशासन द्वारा दोबारा लॉकडाउन सही दिशा में उठाया गया कदम है। हॉटस्पॉट जिलों में दो हफ्तों के संक्रमण की रफ्तार के आधार पर छूट या पाबंदी बढ़ाने का निर्णय़ करना होगा।