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अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा में रखें इन बातों का ख़याल, होंगी सभी मनोकामनाएं पूरी
September 24, 2020 • परिवर्तन चक्र • अध्यात्म

Adhik Maas 2020 : अधिक मास या मलमास का स्वामी भगवान विष्णु को माना जाता है. इसलिए अधिक मास में भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है.

Adhik Maas 2020 : जैसा कि हिन्दू धर्म शास्त्रों में अधिक मास या मलमास में शुभ कार्यों को करने की मनाही है लेकिन वहीँ इस दौरान की जाने वाली पूजा का विशेष महत्व भी है. कहा जाता है कि अधिक मास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है. यह भी मान्यता है कि अधिकमास के दौरान सत्यनारायण भगवान की पूजा से विशेष लाभ होता है.

भगवान विष्णु की पूजा में रखें इन बातों का विशेष खयाल :

हिन्दू धर्म शास्त्रों में पूजा-पाठ के विधि-विधानों का विशेष महत्व है. जैसा कि अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है तो इस दौरान की जाने वाली भगवान विष्णु की पूजा में कुछ विशेष बातों का खयाल भी रखा जाता है. जैसे- अधिक मास में की जाने वाली भगवान विष्णु की पूजा के साथ –साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए. जिससे हमारे ऊपर माता लक्ष्मी की भी कृपा बनी रहे. ऐसा भी माना जाता है कि अधिकमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें खीर के साथ पीले रंग की ही मिठाई और फल का भोग लगाना चाहिए. चूंकि पीपल के वृक्ष पर भगवान विष्णु का वास होता है इसलिए अधिक मास के दौरान पीपल के वृक्ष पर मीठा जल चढ़ाना लाभकारी होता है. अधिकमास के दौरान तुलसी जी सामने घी का दीपक जलाना भी लाभकारी माना गया है.

अधिकमास में सत्य नारायण भगवान की पूजा का महत्व :

कहा जाता है कि अधिक मास में भगवान सत्य नारायण की पूजा करने से विशेष लाभ होता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं जिसके उपरांत घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है. ऐसा भी माना जाता है कि अधिक मास में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से घर के सभी वास्तु दोष दूर हो जाते हैं.