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5 अगस्त को राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये है पूरा शेड्यूल
July 27, 2020 • परिवर्तन चक्र

नई दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम 5 अगस्त को होना है जिसके लिए कई विशिष्ठ अतिथियों को निमंत्रण दिया गया है। इस मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे और आधारशिला रखेंगे। राम मंदिर का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

अयोध्या पहुंच रहे पीएम मोदी के कार्यक्रम का पूरा विवरण भी सामने आ गया है। पीएम मोदी पांच अगस्त को हेलीकॉप्टर से अयोध्या के साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे। जिसके बाद वे रामजन्म भूमि रवाना होंगे। पीएम मोदी करीब 11:30 बजे अयोध्या के राम मंदिर परिसर पहुंचेंगे। जिसके बाद एक घंटे का भूमि पूजन कार्यक्रम होगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री का संबोधन होगा।

ट्रस्ट के मुताबिक पहले भूमि पूजा में शामिल होने के लिए 268 लोगों की सूची तैयार की गई थी लेकिन करीब 200 लोगों के नाम पर आखिरी सहमति बनी है। इसमें 50-50 लोगों के ब्लॉक होंगे।

जिनमें से एक ब्लॉक देश के बड़े साधु-संत और महंतों का होगा। वहीं एक ब्लॉक बड़े राजनेताओं का होगा, जो राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा और विनय कटियार जैसे लोग हो सकते हैं।

साथ ही कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं। एक ब्लॉक उद्योगपतियों, अधिकारियों और दूसरे गणमान्य लोगों का भी होगा।

विश्व हिंदू परिषद और श्री रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के सूत्रों के मुताबिक द्वितीया सह तृतीया तिथि अपने आप में सर्वार्थ सिद्धि योग वाली है। इसलिए प्रधानमंत्री इस दिन अयोध्या आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले भी न्यास के अध्यक्ष और श्री मणिराम जी की छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपालदास ने पत्र लिख कर श्रावणी पूर्णिमा और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वितीया की दोनों तिथियों के मंगल मुहूर्त का ब्योरा भेजा था।

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के नक्शे बदलने पर फैसला हुआ था। ट्रस्ट ने निर्णय लिया कि मंदिर में 3 की जगह 5 गुंबद होंगे। मंदिर की ऊंचाई भी प्रस्तावित नक्शे से ज्यादा होगी। बैठक के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया को बताया कि कोरोना की स्थिति से निपटने के बाद फंड एकत्र किया जाएगा। उन्होंने अनुमान जताया कि श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर तीन से साढ़े तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा।